
MP के मंत्री करण सिंह वर्मा (Image- Social Media)
Karan Singh Verma Controversial Statement: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। राज्य के राजस्व मंत्री और इछावर से विधायक करण सिंह वर्मा ने धामंदा गांव में नए उप-स्वास्थ्य केंद्रों के उद्घाटन के दौरान लाडली बहना योजना की हितग्राहियों को परोक्ष रूप से धमकी दी।
मंच से मंत्री वर्मा ने कहा, “धामंदा गांव में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपये दिए जा रहे हैं. अब मैं सीईओ मैडम से कहूंगा कि एक दिन सबको बुलाएं, जो नहीं आएंगे उनके नाम काट दिए जाएंगे.” उन्होंने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि पहले कांग्रेस के राज में पैसा नहीं मिलता था, जबकि केंद्र सरकार किसानों के खाते में पैसा डाल रही है।
ये है मप्र के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा जी
लाडली बहनों को सीधी धमकी ,
” 1500 रूपये महीने दे रहे, कार्यक्रम में नहीं आई तो नाम काट देंगे।” मंत्री जी रुकिए.. अब लाडली बहने ही आपका नाम कटवाएगी। pic.twitter.com/VkuGyOJkIw — Dr.Vikrant Bhuria (@VikrantBhuria) February 6, 2026
कांग्रेस ने इसे कल्याणकारी योजना का दुरुपयोग और दबाव बनाने की राजनीति बताया। कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि ऐसे बयान तानाशाही वाली सोच को दर्शाते हैं और यह संविधान की शपथ का उल्लंघन है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बयान पर भी पहले बवाल हो चुका था। शाह ने सुझाव दिया था कि लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए, अन्यथा उनके आवेदन रोक दिए जा सकते हैं।
लाडली बहना योजना जून 2023 में शुरू हुई थी। योजना के तहत अब मासिक सहायता 1500 रुपये है और इसे भविष्य में 3000 रुपये तक बढ़ाने का वादा किया गया है। बीते 30 महीनों में राज्य सरकार ने महिलाओं को कुल 48,632.70 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। वर्तमान में हर महीने लगभग 1,850 करोड़ रुपये का खर्च हो रहा है और 2026–27 में इस योजना पर अनुमानित 22,680 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।
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हालांकि, लाभार्थियों की संख्या घटकर 1.31 करोड़ से लगभग 1.25 करोड़ रह गई है, और 5.7 लाख से अधिक महिलाओं के नाम हटाए जा चुके हैं। यह सब उस समय हो रहा है जब राज्य का कर्ज 4.64 लाख करोड़ रुपये के पार है और हर साल लगभग 27,000 करोड़ रुपये सिर्फ ब्याज में चुकाने पड़ते हैं।






