
Ladli Behna Yojana:बुलढाणा जिले में लाडली बहन योजना (सोर्सः सोशल मीडिया)
Buldhana Protest: मुंबई महानगरपालिका सहित राज्य की 29 महापालिकाओं के चुनाव समाप्त होते ही लाडली बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं में योजना बंद होने की आशंका गहराने लगी है। बुलढाणा जिले में इसी आशंका के चलते सोमवार को महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। जिले की करीब 30 हजार महिलाओं को पिछले दो महीनों से योजना की किश्त नहीं मिली है, जिससे नाराज महिलाओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
महाराष्ट्र में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण’ (लाडली बहन योजना) को लेकर विपक्षी दल लगातार संदेह जताते रहे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता आदित्य ठाकरे ने पहले ही दावा किया था कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव के बाद सरकार यह योजना बंद कर सकती है।
अब जब मुंबई बीएमसी सहित राज्य की 29 महापालिकाओं के चुनाव संपन्न हो चुके हैं, तब भी दिसंबर और जनवरी माह की किश्त नहीं मिलने से यह अफवाह फैल गई कि सरकार ने योजना स्थायी रूप से बंद कर दी है। इससे नाराज महिलाएं बड़ी संख्या में जिला महिला एवं बाल कल्याण कार्यालय पहुंचीं और जानकारी की मांग की। कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी हुए।
बुलढाणा जिले में फिलहाल साढ़े छह लाख से अधिक महिलाएं लाडली बहन योजना का लाभ ले रही हैं। प्रशासनिक जांच के दौरान ई-केवाईसी प्रक्रिया में त्रुटियां पाए जाने के कारण लगभग 30 हजार लाभार्थी महिलाओं की किश्तें अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। बैंक खाता आधार से लिंक न होना, आधार विवरण में अंतर और तकनीकी समस्याएं इसके प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
हालांकि योजना बंद होने की अफवाहों से महिलाओं में भारी असमंजस की स्थिति बन गई है। “हमारे हक का पैसा आखिर क्यों रोका गया?”—यह सवाल लेकर महिलाएं सीधे प्रशासन से जवाब मांगने पहुंचीं, जिससे अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
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महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट किया है कि लाडली बहन योजना बंद नहीं की गई है। जिन महिलाओं के दस्तावेजों या ई-केवाईसी में त्रुटियां हैं, केवल उन्हीं का लाभ अस्थायी रूप से रोका गया है। जरूरी सुधार पूरे होते ही लंबित किश्तें जारी कर दी जाएंगी।
महिलाओं के आर्थिक सहारे से जुड़ी इस योजना में तकनीकी अड़चनों से लाभार्थियों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन से तत्काल मार्गदर्शन शिविर और ई-केवाईसी सुधार अभियान चलाने की जोरदार मांग की जा रही है।






