
छतरपुर जिले में फर्जी डॉक्टरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई (फोटो- सोशल मीडिया)
भोपाल: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में फर्जी डॉक्टरों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खास अभियान के तहत चलाए गए इस ऑपरेशन में उन लोगों के खिलाफ एक्शन लिया गया जो बिना डिग्री और लाइसेंस के क्लीनिक चला रहे थे। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन हरकत में आया और जांच में सामने आया कि कई जगहों पर ‘मुन्ना भाई’ मरीजों का इलाज कर रहे थे। वैध दस्तावेज न मिलने पर तीन क्लीनिकों को तुरंत सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से जिले भर में हड़कंप मच गया और अब प्रशासन जिले के अन्य हिस्सों में भी अभियान तेज कर रहा है।
जानकारी मिलते ही प्रशासन की विशेष टीम ने ईशानगर क्षेत्र में छापेमारी की, जहां बिना किसी मेडिकल डिग्री के एक व्यक्ति इलाज करते हुए पकड़ा गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जब दस्तावेज मांगे तो संचालक कोई प्रमाण नहीं दिखा सका। मरीजों की मौजूदगी में ही क्लीनिक सील कर दिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। ग्रामीण इलाकों में ऐसे फर्जी क्लीनिकों की संख्या को लेकर अब प्रशासन गंभीर हो गया है।
जिलेभर में चला विशेष अभियान, 3 क्लीनिक किए गए सील
छतरपुर जिले में प्रशासन की ओर से शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत नौगांव, हरपालपुर और बक्सवाहा जैसे क्षेत्रों में कई फर्जी क्लीनिकों की पहचान की गई। इन क्लीनिकों में इलाज कर रहे लोग न तो योग्य डॉक्टर थे और न ही उनके पास किसी तरह का मेडिकल लाइसेंस था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए क्लीनिकों को बंद कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान तीन क्लीनिकों को सील किया गया, जो बिना किसी वैध अनुमति के मरीजों का इलाज कर रहे थे।
ईशानगर में रंगे हाथों पकड़ा गया ‘मुन्ना भाई’
ईशानगर में चल रहे एक क्लीनिक की शिकायत मिलने पर प्रशासन, पुलिस और तहसील अधिकारियों की टीम ने मौके पर छापा मारा। वहां मरीजों को दवाएं दी जा रही थीं और इलाज चल रहा था। जब संचालक से दस्तावेज मांगे गए तो वह कुछ भी पेश नहीं कर सका। स्थिति स्पष्ट होते ही क्लीनिक को सील कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इस कार्रवाई से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी सतर्कता बढ़ गई है।






