
पाकिस्तान ने धमाकों के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Pakistan Blames India for Serial Blasts: पाकिस्तान के सबसे अशांत प्रांत बलूचिस्तान में शनिवार का दिन बेहद भयानक रहा। यहां नौ शहरों में लगातार धमाके हुए। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, प्रांत में आतंकवाद रोधी कई अभियानों के दौरान कम से कम 15 सैनिक और 92 आतंकवादी मारे गए। सेना ने कहा कि ये अभियान बलूच विद्रोहियों के हमलों के बाद शुरू किए गए।
सेना ने बताया कि आतंकवादियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी में शांति भंग करने की कोशिश की। सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई कर उनकी योजना नाकाम कर दी। मारे गए आतंकवादियों में तीन आत्मघाती हमलावर भी शामिल थे।
बलूचिस्तान में पाकिस्तान की नीतियों और ग्वादर आर्थिक कॉरिडोर का विरोध करने वाले लोग अक्सर हिंसक घटनाओं में शामिल रहते हैं। पाकिस्तान सरकार इन घटनाओं के लिए अक्सर भारत को जिम्मेदार ठहराती है। इस बार भी गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि यह हमला साधारण नहीं था और इसके पीछे भारत का हाथ है। हमले के बाद क्वेटा पहुंचकर उन्होंने कहा कि भारत ने धमाके योजना बनाई और इसे अंजाम देने वालों की मदद की।
🚨 HUGE! Balochistan EXPLODES. BLA hits 48 targets in 14 towns simultaneously, claims 84 Pak Army & police neutralised🤯 Videos show rebels taking over markets in Quetta.
👉🏼Pakistan isn’t facing unrest anymore. This looks like CIVIL WAR. pic.twitter.com/9Q4PKDHTQ0 — The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) February 1, 2026
आतंकियों ने आम नागरिकों पर भी हमला किया। इसमें महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों समेत 18 लोगों की मौत हुई। अभियानों और मुठभेड़ों में 15 सैनिक भी शहीद हुए। इसके बाद पंजगुर और हरनाई जिलों में चलाए गए अभियानों में प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के 41 आतंकवादी मारे गए। सेना ने कहा कि पिछले दो दिनों में बलूचिस्तान में चलाए गए अभियानों में मारे गए आतंकवादियों की कुल संख्या 133 हो गई है।
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बलूच लिबरेशन आर्मी ने हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने केवल 9 नहीं, बल्कि 14 शहरों की 48 अलग-अलग जगहों पर हमला किया। उन्होंने इस अभियान का नाम “ऑपरेशन हरूफ” रखा। बलूच आर्मी ने दावा किया कि इन हमलों में कई पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मी भी पकड़े गए और कई सरकारी संपत्तियों और पोस्टों पर उनका नियंत्रण कायम किया गया। उनका कहना था कि यह अभियान पाकिस्तान के खिलाफ बड़े पैमाने पर रणनीतिक कार्रवाई का हिस्सा था।






