हर मौत पर दर्द, आंकड़ों पर नहीं लड़ेंगे; इंदौर दूषित जल कांड पर CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

Indore के भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। मौतों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही लोगों में दहशत का माहौल है। CM यादव ने कहा सरकार अब आंकड़ों की बाजीगरी में नहीं पड़ेगी।
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सीएम मोहन यादव का बयान (फोटो- सोशल मीडिया)
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Indore contaminated water deaths CM Mohan Yadav statement: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। मौतों का आंकड़ा बढ़ने के साथ ही लोगों में दहशत का माहौल है। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए साफ कर दिया है कि सरकार अब आंकड़ों की बाजीगरी में नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन के तकनीकी नियमों से परे, सरकार के लिए हर एक जान का जाना कष्टदायक है और सभी पीड़ितों को हर हाल में राहत दी जाएगी।

जहां एक तरफ हाई कोर्ट में पेश सरकारी रिपोर्ट में केवल चार मौतें मानी गई हैं, वहीं मैदानी हकीकत कुछ और ही है। मंगलवार तक 18 लोगों की जान जाने की खबर थी, लेकिन बुधवार को रामकली और श्रवण की मौत के बाद यह आंकड़ा 20 तक पहुंच गया है। प्रशासन अब पुरानी लकीर पीटने के बजाय क्रॉस वेरिफिकेशन कर रहा है और जिसका भी नाम सामने आ रहा है, उसे तुरंत मुआवजा सूची में शामिल किया जा रहा है।

लीकेज ने बढ़ाई मुसीबत, दुकानों में भरा पानी

कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। हालात को काबू करने के लिए जब नर्मदा लाइन की टेस्टिंग शुरू की गई, तो नई मुसीबत खड़ी हो गई। जिस जगह ड्रेनेज लाइन सुधारी गई थी, वहां पानी लीक होकर कॉलोनी और दुकानों में भर गया, जिसके बाद सप्लाई तुरंत रोकनी पड़ी। निगम की टीमें अब घर-घर जाकर लोगों को टोंटियां बंद रखने और केवल टैंकर का पानी उबालकर पीने की सलाह दे रही हैं।

2-2 लाख की मदद और भरोसे का मरहम

दुख की इस घड़ी में सरकार ने खजाना खोल दिया है। अब तक 18 परिवारों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक दिए जा चुके हैं। सीएम मोहन यादव का कहना है कि प्रशासन का अपना तरीका होता है, लेकिन सरकार जनता के साथ खड़ी है। जिन भी लोगों ने पंजीयन करवाया है या जिनकी सूचना मिल रही है, उन्हें मदद दी जाएगी। भागीरथपुरा में पानी की टंकी से क्लोरीनेशन की दोबारा जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा लापरवाही न हो।

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