
प्रतीकात्मक तस्वीर - (सोर्स- सोशल मीडिया)
Al Falah University Chairman House: हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है, जिसके चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। दिल्ली बम धमाके से जुड़े मामले में पहले ही जांच के दायरे में आई यह यूनिवर्सिटी अब अपने चेयरमैन के अवैध निर्माण को लेकर चर्चा में है। ताजा घटनाक्रम में महू छावनी परिषद ने जावेद अहमद सिद्दीकी के इंदौर स्थित मकान पर अवैध निर्माण को लेकर बड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। इस कार्रवाई के तहत उनके घर पर ‘बुलडोजर’ चलाने की आशंका है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी का इंदौर के महू में एक मकान है। यह मकान महू छावनी परिषद (कैंटोनमेंट बोर्ड) के अधिकार क्षेत्र में आता है। छावनी परिषद ने अब इसी मकान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है और जावेद अहमद सिद्दीकी को एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में साफ-साफ कहा गया है कि मकान नंबर 1371, सर्वे नंबर 245/1245, मुकेरी मोहल्ला में ‘अनाधिकृत निर्माण’ (अवैध निर्माण) किया गया है।
महू छावनी परिषद द्वारा जारी नोटिस में जावेद अहमद सिद्दीकी को तीन दिन का समय दिया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि इस सूचना के 03 दिन के अंदर इस अवैध निर्माण को हटा दें और इसकी जानकारी कार्यालय को दें। परिषद ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर मकान के मालिक ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया, तो छावनी परिषद खुद कार्रवाई करेगी। विभाग छावनी अधिनियम की धाराओं के तहत इस अवैध निर्माण को हटाएगा, जिसका सारा हर्जा-खर्चा मकान के कब्जाधारी यानी जावेद अहमद सिद्दीकी से वसूला जाएगा।
परिषद ने यह भी बताया है कि इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए पहले भी कई बार नोटिस दिए गए थे। इसमें 1996 और 1997 के भी नोटिस शामिल हैं, लेकिन आज तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जावेद अहमद सिद्दीकी की मुश्किलें केवल अवैध निर्माण तक ही सीमित नहीं हैं। कुछ समय पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी आतंकियों को वित्तीय मदद देने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में हुई थी। ED की यह जांच तब शुरू हुई थी जब दिल्ली पुलिस ने अल-फलाह विश्वविद्यालय के खिलाफ दो FIR दर्ज की थीं। ये FIR धोखाधड़ी और मान्यता से जुड़े दस्तावेजों में जालसाजी के आरोपों से संबंधित थीं।
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अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहली बार राष्ट्रीय सुर्खियों में तब आई थी जब 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास एक बम विस्फोट हुआ था। इस हमले में 12 लोग मारे गए थे। हमले में शामिल आत्मघाती हमलावर, कश्मीरी निवासी डॉ. उमर उन नबी, इसी यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था। इस घटना के बाद से ही फरीदाबाद स्थित यह यूनिवर्सिटी सुरक्षा एजेंसियों की गहन जांच के दायरे में आ गई थी।






