

Work From Home Mistakes: घर से काम करना सुविधाजनक लग सकता है, लेकिन इसमें ऑफिस के काम और निजी जिंदगी के बीच तालमेल बिठाना मुश्किल हो जाता है। खासकर महिलाओं के लिए ऑफिस के काम के साथ घर के काम और परिवार की जिम्मेदारियां भी साथ-साथ चलती हैं। ऐसे में कुछ छोटी आदतें लगातार थकान, शरीर में अकड़न और मानसिक दबाव की वजह बन जाती हैं।
लैपटॉप को लेकर बिस्तर या सोफे पर बैठना आरामदायक लग सकता है, लेकिन लंबे समय तक इस तरह काम करने से गर्दन, कंधे और कमर पर दबाव बढ़ता है। कोशिश करें कि काम करने के लिए ऐसी जगह चुनें जहां पीठ को सपोर्ट मिले और स्क्रीन आंखों के सही ऊंचाई पर हो।
ऑफिस में पानी लेने या किसी दूसरे काम के लिए बार-बार उठना स्वाभाविक होता है, लेकिन घर से काम करते समय लगातार कई घंटे कुर्सी पर बैठे रहना होता है। हर कुछ समय बाद कुछ मिनट के लिए उठें, थोड़ा चलें और शरीर को स्ट्रेच करें। हर 30 मिनट में 3 मिनट का ब्रेक लें।
वर्क फ्रॉम होम में कई महिलाएं काम पूरा करने के चक्कर में लंच और छोटे ब्रेक भी टाल देती हैं। लगातार काम करने से थकान बढ़ती है और ध्यान लगाने में भी परेशानी होती है। काम के बीच में लिया गया छोटा सा ब्रेक शरीर और दिमाग को आराम देता हैं।
घर से काम करने का मतलब यह नहीं है कि ऑफिस के बीच हर घरेलू काम भी निपटाया जाए। मीटिंग के बीच कपड़े डालना, खाना बनाना या सफाई करना काम और घर दोनों को हर वक्त दिमाग में बिठाए रखता है। इससे दिमाग पर हर वक्त अतिरिक्त बोझ बना रहता है। जहां संभव हो, ऑफिस के काम के समय को घरेलू कामों से अलग रखें।
डेस्क पर बैठकर जल्दी-जल्दी खाना खाने की आदत घर से काम करने वालों में आम है। कोशिश करें कि खाने के समय कुछ देर स्क्रीन से दूर रहें और आराम से खाना खाएं। इससे काम से मानसिक दूरी बनाने में मदद मिलेगी।
घर और ऑफिस एक ही जगह होने के कारण काम खत्म होने के बाद भी ईमेल, मैसेज और ऑफिस के काम देखते रहने से काम का समय मानसिक रूप से खत्म नहीं होता। कोशिश करें कि काम पूरा होने के बाद लैपटॉप बंद करें और ऑफिस से जुड़े नोटिफिकेशन से कुछ समय के लिए दूरी बनाएं।
कभी-कभार थकान होना सामान्य है, लेकिन अगर रोज शरीर भारी लगता है, नींद पूरी होने के बाद भी थकान रहती है या लगातार चिड़चिड़ापन महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें। नींद, खानपान, काम के घंटे और आराम के समय पर ध्यान देना जरूरी है।