भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि आज, जानिए उनके कुछ प्रेरक विचार

आज 16 अगस्त पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न 'अटल बिहारी वाजपेयी' की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय राजनीति के एक महान नेता और प्रभावशाली विचारक थे।
Atal Bihari Vajpayee, अटल बिहारी वाजपेयी. पुण्यतिथि
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि (सौ.सोशल मीडिया)
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आज 16 अगस्त पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न 'अटल बिहारी वाजपेयी' (Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary 2024) की पुण्यतिथि मनाई जा रही है। अटल बिहारी वाजपेयी, भारतीय राजनीति के एक महान नेता और प्रभावशाली विचारक थे।

उन्होंने अपने जीवनकाल में कई प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए हैं। उनके कोट्स न केवल उनकी राजनीतिक दृष्टि और नेतृत्व की क्षमता को दर्शाते हैं, बल्कि वे भारतीय समाज की विविधता और उसकी उम्मीदों को भी उजागर करते हैं।

जीवन में बदलाव लाती है वाजपेयी जी की बातें

आपको जानकारी के लिए बता दें, वाजपेयी जी की बातें अक्सर उम्मीद, धैर्य और सच्चाई की ओर इशारा करती हैं और उन्होंने अपने शब्दों के माध्यम से लोगों को संघर्ष, समर्पण और महानता की ओर प्रेरित किया। उनके विचार आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शक का काम करते हैं।

उनके विचार आज भी हमें प्रेरित करते हैं। आज उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर आप उनके विचारों से स्वयं को प्रेरित कर सकते हैं। आइए यहां जानें अटल बिहारी वाजपेयी जी के अनमोल विचार-

1. अटल जी कहते थे कि बाधाएं आती हैं आएं,

घिरें प्रलय की घोर घटाएं,

पावों के नीचे अंगारे,

सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,

निज हाथों में हंसते-हंसते,

आग लगाकर जलना होगा।

कदम मिलाकर चलना होगा।

2. वाजपेयी जी का कहना था कि छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।

3. उनका पूरा विश्वास था कि मन हार करके मैदान नहीं जीते जाते, न मैदान जीतने से मन ही जीते जाते हैं।

4. वे कहते थे कि इंसान की पहचान उसके धन या पद से नहीं होती है, उसके मन से होती है। वे कहते थे कि मन की फकीरी पर तो कुबेर की संपदा भी रोती है।

5. उनकी प्रसिद्ध कविताओं में से यह पंक्तियां लोकप्रिय हैं।

दांव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते।

टूट सकते हैं, मगर हम झुक नहीं सकते।

6. वाजपेयी जी जात-पात या छूआछूत को नहीं मानते थे। उनका कहना था कि यदि ईश्वर भी कहे कि छूआछूत मानो, तो वे ऐसे ईश्वर को मानने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन ईश्वर ऐसा नहीं कहेंगे।

7. अटल जी का स्पष्ट मानना था कि हमें ध्येय के लिए जीने, जूझने और आवश्यकता पड़ने पर मरने के संकल्प को दोहराना है।

8. अटल जी कहते थे कि उनको मौत से कोई डर नहीं है, वे तो बदनामी होने डरते हैं।

9. अटल जी एक सकारात्मक सोच वाले व्यक्ति थे, इसलिए वे कहते थे कि आदमी को चाहिए कि वह परिस्थितियों से लड़े, एक स्वप्न टूटे तो दूसरा गढ़े।

10. वाजपेयी जी एक महान जनसेवक और राष्ट्रभक्त थे। इस बात का प्रमाण आप उनके इस विचार से लगा सकते हैं। उनका मानना था कि देश एक मंदिर है, हम पुजारी हैं, राष्ट्रदेव की पूजा में हमें, खुद को समर्पित कर देना चाहिए।

लेखिका- सीमा कुमारी

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