भारत में कौन देखता था '2 विधान-दो प्रधान' का सपना, पीएम मोदी ने लखनऊ में क्यों किया इसका जिक्र?

Rashtra Prerna Sthal Inauguration: PM मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया।
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लखनऊ में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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PM Modi in Lucknow: पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया। लखनऊ में इस राष्ट्रीय स्मारक का निर्माण केंद्र ने आजाद भारत के महानायकों की विरासत को सम्मान देने के लिए कराया है।

यहां मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर सुशासन के उत्सव को भी याद किया जा रहा है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि लंबे समय तक केवल 'गरीबी हटाओ' जैसे नारों का शासन कहा गया, लेकिन अटल जी ने सुशासन को जमीन पर उतारकर दिखाया।

डॉ. मुखर्जी के योगदान को किया याद

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जनसंघ संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश को निर्णायक दिशा दी। पीएम ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने 'दो विधान, दो निशान और दो प्रधान' की व्यवस्था को सिरे से नकार दियाथा। क्योंकि यह व्यवस्था आजादी के बाद भी जम्मू-कश्मीर में लागू थी और भारत की अखंडता के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

370 का जिक्र, आत्मनिर्भरता की बात

पीएम ने आगे कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी सरकार को अनुच्छेद 370 की दीवार गिराने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि आज भारत का संविधान जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू है। साथ ही यह भी कहा कि डॉ. मुखर्जी स्वतंत्र भारत के शुरुआती उद्योग मंत्रियों में से थे और उन्होंने देश को पहली औद्योगिक नीति दी। भारत में औद्योगीकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नींव उसी दौर में रखी गई, जिसे अब नई ऊंचाई दी जा रही है।

साकार हो रहा पं. उपाध्याय का विजन

पीएम मोदी ने कहा कि आज देश के करोड़ों नागरिकों को पहली बार पक्का घर, शौचालय, नल से जल, बिजली और गैस कनेक्शन उपलब्ध हो रहे हैं, और जब अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं, इलाज और सुरक्षा पहुंचती हैं, तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विज़न के साथ वास्तविक न्याय होता है।

पीएम ने याद दिलाया कि भारत की प्रगति का असली पैमाना विकास के आंकड़े नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के चेहरे की मुस्कान है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद दर्शन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विकास में शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा-सबका संतुलन जरूरी है।

महाराजा बिजली पासी को भी किया नमन

प्रधानमंत्री ने कहा, "आज, 25 दिसंबर को महाराजा बिजली पासी जी की जयंती भी है। महाराजा बिजली पासी जी ने बहादुरी, सुशासन और सबको साथ लेकर चलने की जो विरासत छोड़ी है, उसे हमारे पासी समुदाय ने गर्व के साथ आगे बढ़ाया है। यह भी एक संयोग है कि अटल जी ने साल 2000 में महाराजा बिजली पासी जी के सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया था।"

लखनऊ में बनेगी मारक ब्रह्मोस मिसाइल

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज 'मेड इन इंडिया' प्रोडक्ट दुनिया के कोने-कोने में पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश में बन रहे बड़े डिफेंस कॉरिडोर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देश की रक्षा क्षमताओं को मज़बूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल, जिसकी ताकत दुनिया ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखी थी, लखनऊ में बनाई जा रही है। उन्होंने इसे भारत की टेक्नोलॉजिकल और इंडस्ट्रियल ताकत का प्रतीक बताया।

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