छोटे बच्चों को सुलाने के कुछ ख़ास टिप्स, आपकी इन बातों को सुनते ही सो जाएंगे बच्चे

अगर आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद भी अगर आपका बच्चा समय पर नहीं सोता है, तो आज हम आपको कुछ आसान से टिप्स बताने जा रही हूँ जिसे अपनाकर आप अपने बच्चे को आसानी से सुला सकते हैं।
छोटे बच्चों को सुलाने के कुछ ख़ास टिप्स, आपकी इन बातों को सुनते ही सो जाएंगे बच्चे
शिशु को सुलाने के टिप्स (सौ.सोशल मीडिया)
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Parenting Tips: बच्‍चों की परवरिश करना कोई आसान काम नहीं है। खासकर जब बात छोटे बच्चों की आती है, तो उन्हें संभालना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। छोटे बच्चों को समझना काफी मुश्किल होता है, खासकर जब उन्हें सुलाने की बात आती है, तो अक्सर पेरेंट्स घुटने टेक देते हैं।

खास तौर से अगर आप वर्किंग हैं, लेट नाइट जगना आपकी मजबूरी है या फिर अन्य किसी भी कारण से आप बच्चे को सही समय पर सुलाने में असमर्थ हैं, तो इसका सीधा असर बच्चे की सेहत पर देखने को मिल सकता है।

शरीर की सर्केडियन साइकिल को सही तरीके से संचालित करने से कई प्रकार की बीमारियों से बचाव होता है। इसलिए समय पर सोना हेल्दी लाइफ का एक अहम हिस्सा माना जाता है। अगर आपकी तमाम कोशिशों के बावजूद भी अगर आपका बच्चा समय पर नहीं सोता है, तो आज हम आपको कुछ आसान से टिप्स बताने जा रही हूँ जिसे अपनाकर आप अपने बच्चे को आसानी से सुला सकते हैं।

जानिए क्या हैं बच्चों को जल्दी सुलाने के आसान टिप्स

बच्चों का जल्दी सुलाने के लिए नीचे दिए गए आसान टिप्स को आजमा सकते हैं जो इस प्रकार हैं-

बच्चों का जल्दी सुलाने के लिए शाम 4 बजे के बाद बच्चों को सोने न दें। इससे वे देर शाम तक उठते हैं और रात में समय पर सोने में आनाकानी करते हैं।

शाम के समय कम से कम 2 घंटे बच्चे को किसी प्रकार के शारीरिक गतिविधि में शामिल करें। इसे बच्चा सोने के समय तक अच्छे से थक चुका होगा और अपने आप ही उसे नींद आ जाएगी।

बेडटाइम रूटीन सेट करें। सोने का माहौल बनाएं, जिससे बच्चे को ये महसूस हो जाए कि अब सोने का समय हो चुका है। इस रूटीन को नियमित रूप से रोजाना फॉलो करें, जिससे बच्चे की आदत में ये रूटीन शामिल हो जाए।

पर्दे गिरा दें, लाइट बंद करें या कोई हल्की डिम लाइट जलाएं। अंधेरे में शरीर स्लीप हार्मोन मेलाटोनिन बनाता है, जिससे शरीर रिलैक्स होता है और गहरी नींद आती है।

लाइट जलने से शरीर को जगे रहने का सिग्नल मिलता है, जिससे सर्केडियन साइकिल प्रभावित होती है। इसलिए सोते समय अंधेरा करें, जिससे अच्छी नींद आ सके।

बच्चे को मात्र सोने के लिए बोल देने से वो नहीं सोएगा। उसके साथ बेड पर लेटें और कोई अच्छी कहानी सुनाएं या फिर बच्चे से अफर्मेशन बुलवाएं। इससे अच्छी नींद आती है।

बच्चे कॉपी करते हैं और आपको अपने साथ सोता हुआ देख कर वे जल्दी सो जाते हैं। भले ही बच्चों के सोने के बाद आप उठ कर अपने काम कर लें, लेकिन बच्चों को समय पर सुलाने के लिए उनके साथ सोना जरूरी है।

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