
हग करते हुए कपल (सौ. फ्रीपिक)
Valentine Week Special: गले मिलना केवल एक शारीरिक स्पर्श नहीं बल्कि भावनाओं का संचार है। वैलेंटाइन वीक के हग डे पर हम अक्सर गले मिलने के फायदों की बात करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि मिलते समय और विदा लेते समय हमारे हग करने का तरीका हमारे अवचेतन मन की स्थिति बयां करता है।
हग डे के मौके पर हम सभी अपनों को गले लगाते हैं लेकिन बॉडी लैंग्वेज विशेषज्ञों का मानना है कि हेलो हग और गुडबाय हग के पीछे का मनोविज्ञान पूरी तरह अलग होता है। यह स्पर्श का वह व्याकरण है जिसे हम बिना बोले ही महसूस कर लेते हैं।
जब हम किसी से लंबे समय बाद मिलते हैं तो हमारा हग अक्सर उत्साह से भरा होता है। इसमें हम सामने वाले को अपनी ओर खींचते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मिलते समय किया गया हग कनेक्शन स्थापित करने के लिए होता है। इसमें शरीर का ऊपरी हिस्सा अधिक करीब होता है जो यह दर्शाता है कि हम उस व्यक्ति को अपने जीवन में आने का स्वागत कर रहे हैं। इसे अक्सर एंट्री हग कहा जाता है जो सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने का काम करता है।
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वहीं दूसरी ओर विदा लेते समय का हग अक्सर थोड़ा लंबा और गहरा होता है। इसे मेमोरी हग भी कहते हैं। विदा लेते समय हम अनजाने में उस व्यक्ति को थोड़ा ज्यादा समय के लिए पकड़कर रखना चाहते हैं। शोध बताते हैं कि गुडबाय हग के दौरान ऑक्सीटोसिन हार्मोन का स्तर अधिक होता है क्योंकि हम उस व्यक्ति की उपस्थिति को सुरक्षित रखना चाहते हैं। इस हग में अक्सर पीठ पर हाथ फेरना या थपथपाना शामिल होता है जो जल्द मिलने का आश्वासन देता है।
अगर कोई विदा लेते समय आपको कसकर और लंबा हग करता है तो इसका मतलब है कि वह आपकी कमी को महसूस करने वाला है। वहीं अगर मिलते समय कोई केवल साइड हग करता है तो वह औपचारिकता ज्यादा दर्शाता है।
स्पर्श की भाषा शब्दों से कहीं ज्यादा शक्तिशाली होती है। अगली बार जब आप किसी को गले लगाएं तो गौर कीजिएगा कि आप मिलते समय क्या महसूस करते हैं और विदा लेते समय क्या। इस हग डे पर अपने प्रियजनों को वह समय दें और उनके साथ के हर पल को इस जादू की झप्पी के जरिए संजोएं।






