

Protein Powder: प्रोटीन...प्रोटीन...प्रोटीन...यह शब्द इन दिनों हर किसी की जुबान पर है। प्रोटीन का सेवन न केवल जिम जाने वाले लोग कर रहे हैं बल्कि वेटलॉस और वेटगेन करने के लिए भी प्रोटीन पाउडर को कंज्यूम किया जा रहा है।
हमारे शरीर का लगभग हर हिस्सा प्रोटीन से बना है। प्रोटीन हमारे शरीर में बिल्डिंग ब्लॉक का काम करता है यानी मांसपेशियों की मरम्मत से लेकर हॉर्मोन बनाने और इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने तक, शरीर के हर फंक्शन में प्रोटीन की जरूरत होती है।
पहली बार प्रोटीन पाउडर का इस्तेमाल करने वाले लोगों को इसके सेवन से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। प्रोटीन के गलत तरीके से सेवन से पेट से जुड़ी समस्याएं और खराब रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं। चाहे आप व्हे प्रोटीन लें या प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, ज्यादातर लोग इसे बिना सही जानकारी के शुरू कर देते हैं। इसका नतीजा ब्लोटिंग, कब्ज या मनचाहा फायदा न मिलने के रूप में सामने आता है।
विशेषज्ञ बताते है, भारत में डायबिटीज के मरीज इसलिए ज्यादा है क्योंकि यहां लोग प्रोटीन के बजाय कार्बोहाइड्रेट ज्यादा खाते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, एक दिन में प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 0.8 ग्राम प्रोटीन लेनी चाहिए, लेकिन यदि आप अधिक मेहनत या बॉडी बिल्डर हैं, तो आपको प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 1 ग्राम प्रोटीन लेनी चाहिए। प्रोटीन की मात्रा उम्र पर भी निर्भर करती है। अधिक उम्र वालों को कम मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता होती है, क्यों कि उनकी फिजिकल एक्टिविटी कम है।