New Travel Destination Muthupettai: अगर आप भी पक्षी, झील, जंगल के शौकीन है, तो घूम आइए विजय थलापति के गांव
Vijay’s Ancestral Village: तिरूवर जिले में एक गांव न्यू ट्रैवल डेस्टिनेशन बन गया है। दशकों पहले, यहाँ पान की खेती करने वाले किसान का एक परिवार था,जहां तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री विजय का जन्म हुआ था।
- Written By: रीता राय सागर
विजय थालापति का गांव (सौं. सोशल मीडिया)
Muthupettai Village: तमिलनाडु के नव-निर्वाचित मुख्यमंत्री और एक्टर विजय थलापति द्वारा राज्य की बागडोर संभालते ही एक गांव है, जो चर्चा का केंद्र बन गया है। गांव का नाम है- मुथुपेट्टई। यह गांव तिरूवर जिले में स्थित है और फिल्मी दुनिया से दूर यह थलापति का पैतृक गांव है।
अब तक दक्षिण भारत के टूरिज्म लिस्ट में चेन्नई, उंटी व महाबलिपुरम जैसे नाम ही शामिल थे, लेकिन विजय की जीत के साथ ही मुथुपेट्टई अब नया टूरिस्ट प्लेस बन गया है। तिरुवरूर जिले में मैंग्रोव से भरपूर मुथुपेट्टई लैगून हमेशा से पर्यटकों, वन्यजीव प्रेमियों, पक्षी प्रेमियों और पर्यावरणविदों के लिए मनमोहक टूरिस्ट प्लेस रहा है।
सात नदियों को मिलाकर बना है यह झील
यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। बढ़ते पर्यटकों को देखते हुए लैगून को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए 2 करोड़ रूपए की लागत से पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इस झील को सात नदियों के समागम से बनाया गया है- कोरायर, नासुविनियार, पट्टुवानाची, बामिनियार, मराका कोरायर, वालावणर और थंडाकुरिचियार। यहां फिनफ़िश, झींगा और केकड़ा बड़ी मात्रा में देखे जाते हैं।
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कई प्रकार के पक्षी हैं मौजूद
प्राकृतिक विरासत की गोद में बैठे मुथुपेट्टई में पक्षियों की चहचहाहट से वातावरण शांत और सुकून भरा हो जाता है। यहां पेंटेड स्टॉर्क, टर्न, तटवर्ती पक्षी, फ्लेमिंगो और ग्रे हेरॉन जैसे पक्षी मौजूद हैं। अब तक ट्रैवलर की नजरों से अछुता होने की वजह से यहां बेहद पीसफुल माहौल और स्लो लाइफ है। ये प्रवासी पक्षी नवंबर के माह में दिखाई देते है।
शहर की फास्ट लाइफ से दूर शांत तालाब में मछली पकड़ने वाली नावें, पक्षियों के कर्णप्रिय शोर और हवा की हलचल से वातावरण में एक सुकून महसूस होता है। यहां आने वाले बैगपैकर्स थलाइमुन्नई की मोटरबोट यात्रा कर सकते है। इसके अलावा लकड़ी से बने 162 मीटर की सड़क पर चहलकदमी कर सकते हैं। दक्षिण भारत प्राचीन और बेहद खूबसूरत मंदिरों के लिए भी जाना जाता है, इस गांव में भी आप मंदिरों के दर्शन कर सकते है।
कैसे पहुंचे मुतुपेट्टई
यदि आप हवाई मार्ग चुनते हैं, तो इसके लिए आपको पहले तिरुचिरापल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना होगा। यहां से मुथुपेट्टई 116 किलोमीटर है, जो तकरीबन ढाई से तीन घंटे की ड्राइव का रास्ता है। रास्ते में खूबसूरत वादियां आपका सफर मनोरम और आसान बना देगा। आप ड्राइव करते हुए कब इस मनमोहक गांव में पहुंच जाएंगे आपको पता भी नहीं चलेगा।
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दूसरी ओर, यदि आप यहां रेलमार्ग का चुनाव करते है, तो मुथुपेट्टई में अपना रेलवे स्टेशन है, जो कराइकोडी–थिरुवरुर–मयिलाडुथुराई ब्रॉड गेज रेलवे लाइन पर स्थित है। आगंतुकों के लिए ट्रेन यात्रा एक सुविधाजनक और डायरेक्ट विकल्प हो सकती है। रेलवे स्टेशन का कोड है- MTT। यदि आप बस से आते हैं, तो आपको पहले चेन्नई पहुंचना होगा और चेन्नई से मुतुपेट्टई की दूरी 381 किलोमीटर है, जिसमें बस से करीब 8.5 घंटे का समय लगता है।
