आज के दिन शुरू हुआ International Dog Day, कुछ ऐसी रोचक बातें भी, जो शायद आप न जानते हों

कुत्ते इंसानों से सबसे अच्छे और वफादार दोस्त होते हैं फिर भी हर साल हजारों की संख्या में पालतू कुत्तों को लोग छोड़ देते हैं। तो लोगों से इन्हें गोद लेने के लिए अपील करना, इन्हें बच्चों की तरह ट्रीट करना जैसे संदेश देने के मकसद से पूरी दुनियाभर में आज 26 अगस्त 2024 का दिन 'इंटरनेशनल डॉग डे' (International Dog Day 2024) के तौर पर मनाया जाता है।
Pet Dog, Dog day 2024
इंटरनेशनल पेट डॉग डे (सौ.सोशल मीडिया)
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पूरी दुनियाभर में आज 26 अगस्त 2024 का दिन 'इंटरनेशनल डॉग डे' (International Dog Day 2024) के तौर पर मनाया जा रहा है। ये खास दिन हमारे जीवन में कुत्तों के महत्व, उनकी ईमानदारी, साथ और उनके लिए हमारी जिम्मेदारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। इस खास दिन हमारे समाज में कुत्तों पर हो रहे अत्याचार, क्रूरता, भेदभाव और तमाम तरह की लापरवाही पर चर्चा होती है। साथ ही इस समस्या का सटीक समाधान तलाशने की कोशिश होती है।

जैसा कि हम जानते हैं, जिस किसी भी दिन को हम विशेष रूप से मनाते हैं, तो इसका खास उद्देश्य और महत्व होता है। इस दिन को मनाने की भी एक खास वजह है। दरअसल रेस्क्यू सेंटर में कुत्तों की संख्या के प्रति जागरूक करना और लोगों को इन्हे गोद लेने के प्रोत्साहित करना इस उद्देश्य के साथ अंतरराष्ट्रीय कुत्ता दिवस हर साल मनाया जाता है। कुत्तों का महत्व समझाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है।

कब से हुई इंटरनेशनल डॉग डे की शुरुआत

ऐसे में आज 'इंटरनेशनल डॉग डे' (International Dog Day 2024) के अवसर पर आइए जानें इससे जुड़ी रोचक बातें-

अंतरराष्ट्रीय डॉग दिवस का क्या है इतिहास

अंतरराष्ट्रीय डॉग दिवस की बुनियाद 2004 में पेट लाइफस्टाइल एक्सपर्ट और कोलीन पेज नामक पशु बचाव एडवोकेट, डॉग ट्रेनर और लेखक के जरिए पड़ी थी। पहली बार 'अंतरराष्ट्रीय डॉग दिवस' का आयोजन 26 अगस्त, 2004 को किया गया। 26 अगस्त का दिन इसलिए चुना क्योंकि आज ही के दिन पेज के परिवार ने अपना पहला कुत्ता को उसकी दस वर्ष की उम्र में गोद लिया। कोलीन पेज कई दिवसों जैसे नेशनल पपी डे, नेशनल मट्ट डे, नेशनल कैट डे और नेशनल वाइल्ड लाइफ डे का संस्थापक भी है।

डॉग डे से जुड़ी रोचक बातें

1. आपका कुत्ता आपकी भावनाओं को भी सूंघने की क्षमता रखता है। कुत्ता गंध में हो रहे छोटे से छोटे बदलावों को भी पकड़ सकता है। जो उसे ये पता लगाने में मदद करती हैं आप कैसा फील कर रहे हैं। जैसे पसीना आने पर डर या नर्वस होना कुत्ता आसानी से समझ सकता है। कुत्ते अपनी इस क्षमता के कारण कुछ बीमारियों का भी पता लगा सकते हैं।

2. कुत्तों की मूछें उसे अंधेरे में देखने में मदद करती हैं। ये मूछें हवा में हो रहे सूक्ष्म बदलावों को तुरंत पकड़ लेती हैं। जो कुत्ते को पास की चीज़ों के आकार और गति के बारे में जानकारी प्रदान करती हैं। जो उन्हें रात के समय भी शिकार करने और खतरे को समझने की अनुमित देती हैं।

3. कुत्ता भी किसी दो साल के बच्चे की ही तरह समझदार होता है। जो वो आपके इशारों को समझकर प्रतिक्रिया देते हैं।

कुत्तों को समय की भी समझ होती है। घर के किसी सदस्य के चले जाने पर वो उसे याद करते रहते हैं। कुत्ते हमारी आदतों और लाइफस्टाइल को भी समझते और गौर करते हैं।

4. कुत्तों के पंजों में केवल पसीने की ग्रंथियां होती हैं। जो पंखों के बीच में पाए जाते हैं। यही वजह है कि ज्यादा गर्मी होने पर ये अपने पैरों के निचले हिस्से को गीला करने में मदद कर सकता है।

लेखिका- सीमा कुमारी

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