IT सेक्टर में खुशियों की लहर, TCS ने खोला खजाना, वेरिएबल पे में की बड़ी बढ़ोतरी; जानें किसे मिलेगा 80% बोनस

Tata Consultancy Services: पिछले कुछ सालों में आईटी कंपनियां कॉस्ट कटिंग मोड में थीं। अब फोकस एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और हाई वैल्यू प्रोजेक्ट्स पर है, जिससे कंपनियां ज्यादा मार्जिन कमा सकती हैं।
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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, (कॉन्सेप्ट फोटो)
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TCS Variable Pay Hike 2026: भारत की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। कंपनी ने तीसरी तिमाही के लिए मिड और सीनियर लेवल कर्मचारियों का वेरिएबल पे बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक कर दिया है। यह पिछले करीब दो सालों के बाद सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है, जब कर्मचारियों को सिर्फ 20 से 50 प्रतिशत तक ही वेरिएबल पे मिल रहा था।

इस फैसले से आईटी सेक्टर में सेंटिमेंट बेहतर होने की उम्मीद है, खासकर ऐसे समय में जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते नौकरियों और मांग को लेकर चिंता बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को 2026 में डिमांड रिकवरी की उम्मीद है और एआई प्रोजेक्ट्स पर बड़ा दांव लगाया जा रहा है।

मिड लेवल कर्मचारियों को फायदा

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए मिड लेवल कर्मचारियों को करीब 80 प्रतिशत तक वेरिएबल पे मिला है। यह उनके ऑफर लेटर में लिखे वेरिएबल कंपोनेंट के काफी करीब है। सीनियर लेवल कर्मचारियों को 40 से 80 प्रतिशत तक वेरिएबल पे मिला है। इससे पहले कई कर्मचारियों को लंबे समय तक कम बोनस मिल रहा था, जिससे कंपनी के अंदर असंतोष भी देखा जा रहा था।

पहले कितना बोनस देती थी कंपनी

पिछले करीब दो सालों में टीसीएस ने मिड और सीनियर कर्मचारियों का वेरिएबल पे 20 से 50 प्रतिशत तक सीमित कर दिया था। कंपनी का दावा था कि 70 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेरिएबल पे मिल रहा है, लेकिन यह ज्यादातर जूनियर कर्मचारियों पर लागू होता था। कमजोर ग्लोबल आईटी डिमांड, क्लाइंट खर्च में कटौती और मैक्रो इकनॉमिक अनिश्चितता के चलते कंपनियां खर्च घटा रही थीं, जिसका असर बोनस पर पड़ा था।

इन्फोसिस भी दे चुकी है राहत

टीसीएस अकेली कंपनी नहीं है जिसने बोनस बढ़ाया है। इन्फोसिस ने दिसंबर 2025 तिमाही के लिए औसतन करीब 85 प्रतिशत वेरिएबल पे दिया है, जो पिछले साढ़े तीन साल में सबसे मजबूत बोनस माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी आईटी कंपनियां अब फिर से कर्मचारियों पर खर्च बढ़ाने के मूड में हैं।

कॉग्निजेंट 100% बोनस का कर चुकी है ऐलान

आईटी कंपनी कॉग्निजेंट ने 2025 के लिए 100 प्रतिशत बोनस देने की योजना बनाई है। कंपनी ने अपने इंटरनल परफॉर्मेंस बेंचमार्क विनर्स सर्कल हासिल किया है, जो तय समय से दो साल पहले पूरा कर लिया गया। यह दिखाता है कि ग्लोबल आईटी कंपनियां अब परफॉर्मेंस और प्रॉफिटेबिलिटी के आधार पर कर्मचारियों को रिवॉर्ड देने पर फोकस कर रही हैं।

एआई रणनीति से बढ़ा भरोसा

टीसीएस ने हाल ही में बताया कि उसने 1.8 बिलियन डॉलर का एनुअलाइज्ड एआई रेवेन्यू हासिल किया है और अब तक 5000 से ज्यादा एआई प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी भविष्य की ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर मान रही है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि 2026 में आईटी खर्च बढ़ेगा और नए डिजिटल और एआई प्रोजेक्ट्स से डिमांड रिकवरी होगी।

कर्मचारियों और बाजार के लिए क्या मतलब

वेरिएबल पे बढ़ने का मतलब है कि कंपनियां अपने बिजनेस को लेकर ज्यादा कॉन्फिडेंट हैं। यह आईटी सेक्टर में जॉब सिक्योरिटी और सैलरी ग्रोथ के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाता है। आईटी शेयरों पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि बेहतर डिमांड और हाई मार्जिन प्रोजेक्ट्स का संकेत मिलता है।

आईटी सेक्टर में नया ट्रेंड

पिछले कुछ सालों में आईटी कंपनियां कॉस्ट कटिंग मोड में थीं। अब फोकस एआई, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और हाई वैल्यू प्रोजेक्ट्स पर है, जिससे कंपनियां ज्यादा मार्जिन कमा सकती हैं। इसका फायदा कर्मचारियों को बोनस और सैलरी के रूप में मिलने लगा है।

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