बीपी की जांच कराती लड़की (सौ. फ्रीपिक)
High BP in Youth Reasons: कभी 40 के बाद होने वाली हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अब 20-30 साल के युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है। इसे साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी बड़े लक्षण के शरीर के अंगों को अंदर ही अंदर खोखला कर देती है। वक्त रहते सतर्क होना जरूरी है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती लाइफस्टाइल ने युवाओं को बीमारियों के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। घंटों लैपटॉप के सामने बैठना, शारीरिक मेहनत की कमी और देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल नींद के चक्र को बिगाड़ रहा है। जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता तो इसका सीधा असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है।
जंक फूड, पैकेट बंद खाना और नमक की अधिक मात्रा शरीर में फैट और पानी को रोकने लगती है जिससे नसों पर दबाव बढ़ जाता है। इसके साथ ही करियर और भविष्य की चिंता युवाओं में मानसिक तनाव पैदा कर रही है। आयुर्वेद के अनुसार मन की अशांति नसों को सिकोड़ देती है जिससे खून के प्रवाह में अधिक ताकत लगती है और बीपी बढ़ जाता है। मोटापा और धूम्रपान जैसी आदतें इस आग में घी का काम कर रही हैं।
यह भी पढ़ें:- Skin Care: झाइयों कम कर देगा एलोवेरा का ये सीक्रेट नुस्खा, बस मिलानी होगी ये एक चीज!
हाई बीपी के लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते लेकिन यदि आपको सुबह उठते ही सिर भारी लगता है बिना वजह थकान होती है आंखों के सामने धुंधलापन छाता है या घबराहट महसूस होती है तो यह खतरे की घंटी है। इसे नजरअंदाज करने पर हार्ट फेलियर, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
हाई ब्लड प्रेशर अब केवल बढ़ती उम्र की बीमारी नहीं रही। यदि आप युवा हैं और स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आज से ही अपनी आदतों में सुधार करें। याद रखें सावधानी ही इस साइलेंट किलर का सबसे बड़ा इलाज है।