'गड़चिरोली का राज्य स्तर पर गौरव डॉ. कुकडकर और आशा वर्कर तिम्मा सम्मानित। (फोटाे नवभारत)
Public Health Department Maharashtra News: राज्य सरकार की ओर से आयोजित ‘वंदनीय बालासाहेब ठाकरे आरोग्यरत्न’ व ‘महाआरोग्य सम्मान 2026’ पुरस्कार वितरण समारोह में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य करने के चलते गड़चिरोली जिले का राज्य स्तर पर विशेष सम्मान किया गया। दुर्गम व अतिदुर्गम क्षेत्र में माता व बाल स्वास्थ्य सेवा सक्षम करने के लिए चलाए गए प्रभावी उपक्रमों की राज्य सरकार ने सुध ली है। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर व स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना बोर्डीकर के हाथों जिले का विशेष सम्मान किया गया।
‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान अंतर्गत गड़चिरोली जिला ने अभियान में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की शिस्तबद्ध तथा परिणामकारक कार्यपद्धति है। दुर्गम क्षेत्र की गर्भवती माता व किशोरवयीन लड़कियों की घर-घर जाकर जांच की गई। हिमोग्लोबिन (Hb), रक्तदाब (BP) तथा अन्य आवश्यक जांच पर विशेष जोर दिया गया।
महिलाओं में रक्तक्षय कम करने के लिए लोहयुक्त गोलियों का वितरण तथा संतुलित आहार के संदर्भ में मार्गदर्शन शिविर आयोजित किए गए। प्रत्येक लाभार्थी महिला का स्वास्थ्य पंजीयन व निरंतर प्रयास डिजिटल प्लॅटफॉर्म के माध्यम से अचूकता से किया गया। जिससे उपचार प्रक्रिया में निरंतरता रखने में मदद हुई। आशा स्वयंसेविकाओं मार्फत ‘माता बैठक’ द्वारा स्तनपान, टीकाकरण, स्वच्छता व पोषण के संदर्भमें प्रभावी जनजागृति की गई।
सुरक्षित प्रसूति के लिए माताओं को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की उपाययोजना के कारण संस्थात्मक प्रसूति का प्रमाण व्यापक बढ़ गया। इस अभियान के लिए डा. स्मिता सालवे व डा. प्रेरणा देवतले ने नोडल अधिकारी के तौर पर प्रभावी समन्वय रखते हुए जिलेभर में अभियान पर अमल किया।
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डा. प्रताप शिंदे इस दौरान जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रताप शिंदे ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र की माता मृत्यु व बाल मृत्यु दर कम करने के हमारे संकल्प को इस सम्मान के चलते नई उर्जा मिली है। स्वास्थ्य विभाग के प्रत्येक घटक ने व्यापक प्रयास किया है। इस सफलता के पीछे गड़चिरोली जिले के सभी तहसील स्वास्थ्य अधिकारी, वैद्यकीय अधिकारी, समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य सहायक तथा खासकर आशा स्वयंसेविकाओं का योगदान महत्वपूर्ण है। उनके जिद, चिकाटी व सेवाभाव के कारण ही जिले का नाम राज्यस्तर पर अभिमान से लिया जा रहा है।