प्रोटीन ही तो नहीं बढ़ा रहा आपकी बीमारियां? जानें प्लांट-बेस्ड प्रोटीन क्यों है मांसाहार से बेहतर

Plant Based Protein Benefits: जिम में कसरत करने वाले लोगों को ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है। आमतौर पर लोगों को लगता है कि मांसाहारी चीजों में ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है लेकिन यह सही नहीं है।
plant based protein
प्लांट बेस्ड प्रोटीन की तस्वीर (सौ. फ्रीपिक)
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Plant Based Protein: शरीर को सुचारू रूप से चलाने और मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए प्रोटीन सबसे अनिवार्य है। खासकर जो लोग जिम में कड़ी मेहनत करते हैं उन्हें मांसपेशियों की रिकवरी के लिए भारी मात्रा में प्रोटीन की आवश्यकता होती है। आमतौर पर लोगों के बीच यह गलत धारणा है कि प्रोटीन केवल मांसाहारी चीजों से ही मिल सकता है लेकिन चिकित्सा विज्ञान और बदलती जीवनशैली ने इस मिथक को तोड़ दिया है।

मांसाहार बनाम प्लांट-बेस्ड प्रोटीन क्या है बेहतर

अक्सर माना जाता है कि दूध में कैल्शियम और मीट में प्रोटीन सबसे ज्यादा होता है लेकिन हकीकत कुछ और है। उदाहरण के लिए बादाम कैल्शियम का एक बेहतरीन विकल्प है और अंकुरित दालों से भरपूर प्रोटीन प्राप्त किया जा सकता है। पौधों से मिलने वाला प्रोटीन न केवल शरीर के लिए अधिक उपयोगी है बल्कि यह उन लोगों के लिए भी वरदान है जो लैक्टोज इनटोलरेंस (दूध न पचने की समस्या) से जूझ रहे हैं।

दिल की सेहत और कोलेस्ट्रॉल का खतरा

मांसाहारी प्रोटीन (जैसे रेड मीट और अंडे) के साथ सबसे बड़ी समस्या कोलेस्ट्रॉल की होती है। ये रक्त में खराब वसा को बढ़ाते हैं जिससे हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इसके विपरीत प्लांट-बेस्ड प्रोटीन में कोलेस्ट्रॉल शून्य होता है। इसमें मौजूद फाइबर शरीर से गंदगी बाहर निकालने में मदद करता है और दिनभर शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।

कितनी है आपको प्रोटीन की जरूरत

प्रोटीन की मात्रा आपके शरीर के वजन पर निर्भर करती है। इसका एक सरल फार्मूला है प्रति किलोग्राम वजन पर 1 ग्राम प्रोटीन। यानी अगर आपका वजन 50 किलोग्राम है तो आपको स्वस्थ रहने के लिए रोजाना कम से कम 50 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होगी।

इन चीजों को बनाएं अपनी डाइट का हिस्सा

प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाने के लिए आपको महंगे सप्लीमेंट की जरूरत नहीं है। आप अपनी रसोई में मौजूद इन चीजों का उपयोग कर सकते हैं।

  • दालें और अंकुरित अनाज: मूंग की दाल को अंकुरित करके या इसका चीला बनाकर लें।
  • सोया और टोफू: टोफू को सलाद या सब्जी के रूप में शामिल करें।
  • सूखे मेवे और बीज: बादाम, कच्ची मूंगफली और कद्दू के बीज प्रोटीन के बढ़िया स्रोत हैं।
  • अन्य विकल्प: बीन्स और राजमा की टिक्की या कबाब बनाकर भी स्वाद और सेहत का आनंद लिया जा सकता है।

मांसपेशियों को रिकवर करने और फौलादी शरीर बनाने के लिए मांसाहार अनिवार्य नहीं है। प्लांट-बेस्ड प्रोटीन न केवल पचाने में आसान है बल्कि यह आपको लंबी उम्र और बीमारियों से मुक्त जीवन जीने में मदद करता है।

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