डायबिटीज को कंट्रोल में मददगार होता है भोजन प्लेट फॉर्मूला, जानिए इसके और बड़े फायदे

Diabetes Food Control : डायबिटीज कंट्रोल में भोजन प्लेट फॉर्मूला कैसे मददगार है, जानिए इसके फायदे, सही पोर्शन साइज़, और ग्लूकोज लेवल को संतुलित रखने के तरीके।
भोजन प्लेट फॉर्मूला
भोजन प्लेट फॉर्मूला ( सौ.सोशल मीडिया)
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Balanced Plate For Diabetes: भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत का ख्याल रख पाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता है इसी वजह से तनाव और स्ट्रेस के मामले बढ़ने लगते है। इसके अलावा डायबिटीज औऱ ब्लड शुगर के मामले भी मिलने लगते है। डायबिटीज की समस्या में दवा लेने के साथ-साथ खाने का सही संतुलन भी बहुत जरूरी है। खाने का सही अनुपात होने पर ब्लड शुगर स्थिर रहता है और वजन भी नियंत्रित रहता है।

इस बैलेंस को बनाए रखने के लिए आप 'प्लेट फॉर्मूला' का तरीका अपना सकते है। आज हम आपको इस प्लेट फॉर्मूला थाली में किस तरह से हेल्दी चीजों को शामिल करना चाहिए इसके बारे में बता रहे है।

जानिए क्या होता है भोजन प्लेट फॉर्मूला

यहां पर भोजन प्लेट फॉर्मूला को तीन भागों में बांटा गया है जो स्वास्थ से भरपूर होती है। इस थाली में आधा हिस्सा सब्जियों का, चौथाई प्रोटीन का और चौथाई मिलेट्स या कार्ब्स का होता है। यह तरीका इंसुलिन स्पाइक को कम करता है और शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है। जानते हैं इन तीनों भागों में किन चीजों को शामिल किया जाना चाहिए।

  1. सब्जियों का हिस्सा थाली का सबसे बड़ा होता है। सब्जियों में फाइबर भरपूर होता है, जो शुगर के अवशोषण को धीमा करता है और पेट लंबे समय तक भरा रहता है। करेले, लौकी, मेथी, पालक, ब्रोकली, खीरा, गाजर जैसी सब्जियां सबसे बेहतर हैं। कच्ची और पकी दोनों शामिल की जा सकती हैं।
  2. प्रोटीन थाली का चौथाई हिस्सा होना चाहिए। प्रोटीन ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद करता है, मसल्स को मजबूत रखता है और भूख को नियंत्रित करता है। दालें, उड़द-मूंग, घर का बना पनीर, अंकुरित दालें, अंडा या चिकन अच्छे विकल्प हैं।
  3. बाकी चौथाई मिलेट्स या लो-कार्बोहाइड्रेट का होता है। ज्वार, बाजरा, रागी, कुटकी, कांगनी या ब्राउन राइस जैसे मिलेट्स शुगर को धीरे बढ़ाते हैं और शरीर को स्थिर ऊर्जा देते हैं। मिलेट रोटी, खिचड़ी और उपमा बढ़िया विकल्प हैं।

घर पर आसानी से अपनाएं ये फॉर्मूला

आप अपनी सेहत को बेहतर बनाने के लिए इस भोजन प्लेट फॉर्मूला को अपना सकते है। इसके लिए आप थाली तैयार करते समय थाली को आधा सब्जियों से, चौथाई प्रोटीन से और बाकी मिलेट्स से भरें। खाने के साथ पानी कम लें और धीरे-धीरे खाएं। आयुर्वेद कहता है कि खाने का चित्त और मानसिक स्थिति भी स्वास्थ्य पर असर डालती है। इसके अलावा थाली को रंगीन बनाएं जिसमें हर भोजन में कम से कम 2-3 सब्जियां लें, सलाद खाने से पहले खाएं, रात का भोजन हल्का रखें और तेल, नमक व प्रोसेस्ड फूड कम करें। दिन में 20-30 मिनट वॉक और तनाव कम करना भी जरूरी है क्योंकि तनाव ब्लड शुगर बढ़ा सकता है।

यह केवल सामान्य जानकारी है। किसी भी आयुर्वेदिक दवा या फॉर्मूला को अपनाने से पहले योग्य वैद्य से सलाह जरूर लें।

आईएएनएस के अनुसार

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