

Besan Modak Recipe: जल्द ही गणेश उत्सव आने वाला है। गणेश पूजा में भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। आमतौर पर चावल के आटे, नारियल और गुड़ से बने उकड़ीचे मोदक काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन बेसन के मोदक भी स्वाद और बनाने की आसान विधि के कारण खास पसंद किए जाते हैं। मोदक की कई वैरायटी बनाई जाती हैं और बेसन वाला मोदक उनमें से एक स्वादिष्ट विकल्प है।
बेसन, घी, चीनी और इलायची जैसी रोजमर्रा की सामग्री से तैयार होने वाला यह मोदक स्वाद में बेहद अलग बेसन की मिठाई जैसा लगता है, लेकिन इसे मोदक का पारंपरिक आकार देकर त्योहार के लिए खास बनाया जा सकता है।
1 कप बेसन
4 बड़े चम्मच घी
करीब ¾ कप पिसी हुई चीनी
½ चम्मच इलायची पाउडर
थोड़े से केसर के धागे
½ कप मिल्क पाउडर
कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता
मोदक का सांचा
बेसन मोदक की अलग-अलग रेसिपी में सामग्री और मात्रा थोड़ी अलग हो सकती है। कुछ विधियों में नारियल, दूध या सूखे मेवों की भरावन भी की जाती है।
सबसे पहले कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें बेसन डालें। गैस की आंच धीमी रखें और बेसन को लगातार चलाते हुए अच्छी तरह भूनें।
बेसन का कच्चापन खत्म होने के बाद जब उसमें अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब गैस बंद कर दें। बेसन को धीमी आंच पर धैर्य से भूनना जरूरी है, क्योंकि तेज आंच पर यह आसानी से जल सकता है। कई रेसिपी में बेसन को लगभग 7-10 मिनट तक धीमी आंच पर भूनने की सलाह दी जाती है।
भुने हुए बेसन को थोड़ा ठंडा होने दें। इसके बाद इसमें पिसी हुई चीनी, इलायची पाउडर, केसर और मिल्क पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
अब इसमें कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता डाल सकते हैं। सभी सामग्री को तब तक मिलाएं जब तक मिश्रण अच्छी तरह एकसार न हो जाए।
अगर मिश्रण बहुत सूखा लगे तो थोड़ी मात्रा में घी डालकर इसे बांधने लायक बनाया जा सकता है।
मोदक के सांचे को हल्के घी से चिकना करें। इसमें बेसन का मिश्रण भरें और अच्छी तरह दबाएं, ताकि मोदक का आकार ठीक से बन सके।
सांचे को खोलकर मोदक को प्लेट में निकाल लें। इसी तरह बाकी मिश्रण से भी मोदक तैयार करें।
अगर आपके पास मोदक का सांचा नहीं है, तो हाथों से मिश्रण को मोदक जैसा आकार दिया जा सकता है। हाथ से आकार देते समय ऊपर का हिस्सा थोड़ा नुकीला रखें, ताकि इसे पारंपरिक मोदक जैसा रूप मिले।
तैयार मोदक के ऊपर केसर की कुछ पत्तियां, कटे हुए पिस्ते या बादाम लगाए जा सकते हैं। इसे थोड़ी सी चांदी की वर्क से भी इसे सजाया जा सकता है।
बेसन को तेज आंच पर न भूनें: इससे बेसन जल सकता है और स्वाद कड़वा हो सकता है।
चीनी गर्म बेसन में तुरंत न डालें: मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने देने से चीनी सही तरीके से मिलती है।
घी की मात्रा संतुलित रखें: बहुत कम घी से मिश्रण सूखा हो सकता है, जबकि ज्यादा घी से मोदक का आकार बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
सांचे को हल्का चिकना करें: इससे मोदक आसानी से बाहर निकल जाएगा।
मिश्रण को अच्छी तरह दबाएं: इससे मोदक टूटने या बिखरने की संभावना कम होगी।