Fitness Tips For Desk Job: ऑफिस में घंटों बैठकर करते हैं काम? इन फिटनेस टिप्स से रखें खुद को एक्टिव
Tips For Desk Job: डेस्क जॉब करने में ज्यादातर वक्त कंप्यूटर-लैपटॉप पर काम करते हुए गुजरता है। ज्यादा समय तक बैठे रहना सेहत के लिए नुकसानदायक है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बॉडी मूवमेंट जरूरी है।
- Written By: रीता राय सागर
डेस्क जॉब (फोटो.सोशल मीडिया)
Tips For Healthy Desk Job: आजकल की लाइफ स्टाइल में ज्यादातर लोगों का दिन एक ही तरह से बीतता है, डेस्क पर बैठकर काम करना, ईमेल, कॉल्स और डेडलाइन्स के बीच जद्दोजहद करना। यह सब तब तक सामान्य लगता है, जब तक इसका हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर नहीं पड़ता है।
ऐसे में अगर आप भी डेस्क जॉब करते हैं और अपना ज्यादातर वक्त लैपटॉप स्क्रीन के आगे कुर्सी पर बैठकर गुजारते हैं तो आपके लिए बेहद जरूरी है कि आप फिजिकल एक्टिविटी करें। अगर आप काम के चलते फिजिकल एक्टिविटी के लिए टाइम नहीं निकाल पाते हैं, तो बीच-बीच में खड़े होकर काम कर सकते हैं। इससे शरीर में आई अकड़न से बचेंगे और साथ ही ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा होगा।
कुछ देर खड़े होकर काम करना क्यों है जरूरी
विशेषज्ञ मानते हैं कि अच्छी सेहत के लिए कुछ घंटों में कम से कम 30 मिनट से एक घंटे तक खड़े रहना जरूरी होता है। किसी व्यक्ति को कितनी देर खड़ा होना चाहिए, यह उसकी उम्र, फिटनेस और हेल्थ फैक्टर पर निर्भर करता है। कई लोगों के लिए खड़े रहना नुकसानदायक भी होता है। बिना ब्रेक के लंबे समय तक खड़े रहने से थकान, मांसपेशियों में खिंचाव और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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डेस्क जॉब (फोटो.सोशल मीडिया)
इन संकेतों को नजर अंदाज करना पड़ सकता है भारी
डेस्क जॉब की वजह से बार-बार थकान महसूस होना, सिरदर्द, हल्का सीने में दर्द या थोड़ी सी गतिविधि में सांस फूलना जैसी परेशानियां हो सकती हैं, लेकिन समस्या तब बड़ी हो जाती है, जब लोग इसे ऩॉर्मल स्ट्रेस या वर्क स्ट्रेस समझकर टाल देते हैं। जब कि शुरूआती चेतावनी होते हैं।
दिल पर बढ़ सकता है बोझ
डॉक्टरों के अनुसार, काम का दबाव हमेशा दिखने वाला नहीं होता। कई बार यह सिर्फ लगातार टारगेट्स, मैसेज का जवाब देना या हर समय मौजूद रहने की भावना होती है। यहां तक कि जब आप काम नहीं कर रहे होते, तब भी दिमाग काम करता रहता है। यह लगातार तनाव शरीर में स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ाता है, इससे लंबे समय में दिल की सेहत पर असर पड़ता है और ब्लड प्रेशर व हार्ट रेट भी बढ़ जाता है।
कैसे करें मैनेज
इस स्थिति को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए छोटे-छोटे कदम, जैसे- हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर चलना, कॉल्स के दौरान खड़े होकर बात करना या दिन में 20–30 मिनट कोई भी शारीरिक गतिविधि करना जैसे वॉक या एक्सरसाइज, उठाए जा सकते हैं। वर्क स्ट्रेस को कम करने के लिए दिन में छोटे-छोटे ब्रेक लेना, स्क्रीन से दूर रहना या कुछ मिनट गहरी सांस लेना भी काफी फायदेमंद होता है।
इसके अलावा पूरे हफ्ते दफ्तर में बैठने के बाद, वीकेंड पर टीवी के सामने बैठकर समय न बिताएं। अपने खाली समय में फिजिकल एक्टिविटीज करें। पार्क में वॉक करें, रनिंग करें या योगा क्लासेज जॉइन करें।
डेस्क जॉब (फोटो.सोशल मीडिया)
डेस्क पर ही स्ट्रेच करना
थोड़ी-थोड़ी देर पर अपनी कुर्सी पर बैठकर ही अपनी बॉडी को स्ट्रेच करने की कोशिश करें। स्ट्रेचिंग के लिए 30 सेकंड का समय काफी होता है। अपने पैर की उंगलियों को स्पर्श करें, जंपिंग जैक करें। आप चाहें तो सिट अप्स भी कर सकती हैं। अपनी कुर्सी की मदद से अपनी बैक को स्ट्रेच करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और हाथ व पैरों में झनझनाहट नहीं होगी।
लिफ्ट की बजाए करें सीढ़ियों का इस्तेमाल
लिफ्ट को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना आसान है, लेकिन लिफ्ट के इस्तेमाल से आपकी डिपेंडेंसी बढ़ सकती है। इसकी बजाए आप सीढ़ियों का इस्तेमाल करके इसे खुद के लिए फायदेमंद बना सकते हैं। इसलिए, नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने का प्रयास करें। इसके अलावा, गाड़ी को बिल्डिंग से दूर पार्क करें, जिससे आपको कार तक जाने के दौरान थोड़ा चलना पड़े और आपकी वॉक हो जाए।
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डेस्क जॉब योगासन (फोटो.सोशल मीडिया)
योगा है फायदेमंद
आयुष मंत्रालय के अनुसार, पश्चिमोत्तासन 12 सबसे अच्छे आसनों में से एक माना जाता है। इससे मधुमेह, साइटिका और मोटापे में लाभ मिलता है। इससे रीढ़ की हड्डी फ्लेक्सिबल होती है और मानसिक तनाव व चिंता को कम करने में मदद मिलता है। इससे पेट की चर्बी भी कम होती है।
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पैरों को सीधे फैलाकर बैठ जाएं, फिर अपने दोनों हाथों को कंधे की सीध में ऊपर लेकर जाएं। अब गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं। अपनी क्षमता के अनुसार हाथों से पैरों को छुएं और सिर या नाक घुटनों से मिलाएं। थोड़ी देर इस पोजिशन में बने रहेंऔर फिर धीरे-धीरे वापस सीधा हो जाएं।
