दशहरा पर शमी के पेड़ की पूजा की जाती है। इस पेड़ को 'सोने का पेड़' भी कहते हैं। पूजा के बाद इसके पत्तों को 'सोना' मानकर एक-दूसरे को भेंट किया जाता है, जो समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है। कहा जाता है कि, भगवान राम ने रावण से युद्ध से पहले शमी की पूजा की थी।