वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तान को दिया झटका, अब सिंधु जल समझौते को लेकर कहां जाएगा PAK बेचारा

पाकिस्तान को सिंधु जल समझौता पर बहुत बड़ा झटका लग गया है। वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई सिंधु जल समझौते में विश्व बैंक की भूमिका केवल फैसिलिटेटर की है।
पाकिस्तान की मदद करने से वर्ल्ड बैंक ने झाड़ा पल्ला, अब सिंधु जल समझौते को लेकर कहां जाएगा PAK बेचारा
अजय बंगा, फोटो - सोशल मीडिया
Published on
Updated on

नवभारत डिजिटल डेस्क : भारत पाकिस्तान के इस तनाव वाले माहौल में पाक बेचारा हर तरफ से घिर गया है। मानों जैसे पाकिस्तान में फिलहाल क्रइसेस आई हो। एक तरफ जहां, पाकिस्तानी शेयर मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है। वहीं दूसरी ओर पाक बेचारा मदद के लिए कई देशों से गुहार लगाता फिर रहा है। इतना ही नहीं पाकिस्तान में महंगाई भी चरम पर है। अब वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने पाकिस्तान को करारा झटका दे दिया है।

दरअसल, पाकिस्तान को सिंधु जल समझौता पर बहुत बड़ा झटका लग गया है। वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई सिंधु जल समझौते में विश्व बैंक की भूमिका केवल फैसिलिटेटर यानी मध्यस्थ की है और वह इस समझौते में उत्पन्न हुए हालिया गतिरोध को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप नहीं करने वाला। उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि वर्ल्ड बैंक भारत को रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं करेगा।

पहलगाम हमले के बाद भारत ने निलंबित की है संधि

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल समझौते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। भारत ने यह निर्णय तब तक के लिए लिया है जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देने की नीति से स्पष्ट और स्थायी रूप से पीछे नहीं हट जाता।

ध्यान देने वाली बाक यह है कि सिंधु जल समझौते को लेकर मीडिया में कई अटकलें लगाई जा रही थीं, उस समय अटकलें यह भी चल रही थी कि वर्ल्ड बैंक शायद सिंधु जल समझौते में हस्तक्षेप करे पर अब अजय बंगा ने साफ इनकार कर दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया है।

PIB के अनुसार, भारतीय मूल के विश्व बैंक के अध्यक्ष का कहना है कि हमारी भूमिका सिर्फ एक मध्यस्थ की है। मीडिया में जो बातें आ रही हैं कि विश्व बैंक बीच में आकर विवाद सुलझाएगा, ये सब निराधार हैं। बता दें, सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच नौ वर्षों की बातचीत के बाद हुई थी। सिंधु जल संधि विश्व बैंक की मध्यस्थता में बनी थी और उसने भी इस समझौते पर साइन किए थे।

द्विपक्षीय मुद्दे में हस्तक्षेप करने से वर्ल्ड बैंक ने झाड़ा पल्ला

सीएनबीसी-टीवी18 को दिए एक इंटरव्यू में अजय बंगा कहते हैं कि विश्व बैंक इस द्विपक्षीय मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। संधि के तहत, इंडस नदी प्रणाली के 80% पानी का आवंटन पाकिस्तान को और 20% भारत को किया गया है। अजय बंगा का कहना है कि यह भारत और पाकिस्तान का फैसला है कि वे क्या करते हैं। इस मुद्दे को लेकर हम कुछ नहीं कर सकते।

  • पश्चिमी नदिया (सिंधु, झेलम, चिनाब) – पाकिस्तान को आवंटित है
  • पूर्वी नदियां (रावी, ब्यास, सतलज) – भारत को आवंटित है

आपको जानकारी के लिए बताते चलें कि 8 मई दिन गुरुवार को विश्व बैंक अध्यक्ष अजय बंगा भारत पहुंचे थे। इसी दिन, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान द्वारा सिंधु जल समझौते के उल्लंघनों पर विस्तृत बयान दिया था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com