Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले में मारा गया विदेशी नागरिक कौन है? यहां जानिए

Pahalgam Attack: 27 वर्षीय सुधीप न्यौपाने नेपाल के रुपनदेही जिले के बुटवल के रहने वाला था। वह अपनी मां रीमा पांडे, बहन और बहनोई के साथ छुट्टियां बिताने के लिए पहलगाम पहुंचा था।
Pahalgam Attack: पहलगाम आतंकी हमले में मारा गया विदेशी नागरिक कौन है? यहां जानिए
फोटो सोर्स - सोशल मीडिया
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नवभारत डिजिटल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बाईसरान घाटी में मंगलवार को हुआ आतंकवादी हमला भारत ही नहीं, नेपाल को भी गहरे सदमे में डाल गया। इस आतंकी हमले में कुल 26 पर्यटकों की जान गई, जिनमें नेपाल के एक युवक सुधीप न्यौपाने भी शामिल था।

27 वर्षीय सुधीप न्यौपाने नेपाल के रुपनदेही जिले के बुटवल के रहने वाला था। वह अपनी मां रीमा पांडे, बहन और बहनोई के साथ छुट्टियां बिताने के लिए पहलगाम पहुंचा था। लेकिन किसे पता था कि यह पारिवारिक यात्रा उसके जीवन की अंतिम यात्रा बन जाएगी।

न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के वक्त आतंकियों ने सुधीप से उसका धर्म पूछा। जैसे ही उन्होंने खुद को हिन्दू बताया, आतंकियों ने उनके सीने, सिर और पेट में गोली मार दी। यह दृश्य सुधीप के परिवार के सामने हुआ, जो खुद भी घायल हो गए। उनकी मां रीमा पांडे इस हमले में घायल हुईं और वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है।

नेपाल में मातम

सुधीप की मौत से नेपाल में भी शोक की लहर फैल गई है। नेपाल की विदेश मंत्री अर्जुना राणा देउबा ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारत सरकार से करीबी संपर्क में रहने की बात कही। नेपाल सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह इस बर्बर आतंकी हमले की निर्दोष पर्यटकों पर कड़ी निंदा करती है और भारत के साथ पूर्ण एकजुटता में है। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, और विदेश मंत्री देउबा ने सुधीप के परिवार को शोक संदेश भेजा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख जताया। पीएम ओली ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात कर दुख व्यक्त किया।

आतंकियों ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा समूह कश्मीर रेसिस्टेंस ने ली है। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर में कथित जनसंख्या परिवर्तन के विरोध का नाम दिया है। भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हमले के तुरंत बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। जांच में पता चला है कि इस हमले में सात आतंकवादी शामिल थे, जिनमें से चार से पांच पाकिस्तान से आए थे। देश की अन्य खबरों को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

सुधीप का सपना अधूरा रह गया

सुधीप ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में स्नातक किया था और काठमांडू में एक ओरल हेल्थ प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। उसकी उम्र सिर्फ 27 साल थी और उसका सपना था स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाना। एक शांतिपूर्ण देश का युवा, जो अपने परिवार के साथ भारत की वादियों में समय बिताने आया था, आतंक की गोली का शिकार हो गया।

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