दिल्ली में होने लगी है पानी की चोरी, सोचिए क्या है आगे का भविष्य..!

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पानी की समस्या चरम पर है। लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा। हालांकि बीच में हिमाचल सरकार की ओर से पानी देने का वादा किया गया था। लेकिन अब हिमाचल ने भी अपना पलड़ा झाड़ लिया है। ऐसे में दिल्ली वालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Delhi Water crisis
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दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन दिनों पानी की किल्लत चरम पर है। दिल्ली वाले पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। नौबत ऐसी है कि अब पीने का पानी भी चोरी करना पड़ रहा है। दिल्ली की मुनक नहर से पानी चोरी का मामला सामने आया है। जिसमें पानी चोरी करने को लेकर दो टैंकर जब्त किए गए हैं। इस बात की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है। ऐसे मे सवाल यह उठाता है कि आने वाले सालों में दिल्ली का भविष्य कैसा होने वाला है? क्या पानी के दिक्कत की वजह से लोग देश की राजधानी से भागना चाहेंगे?

दिल्ली में जल संकट बढ़ने के बाद टैंकर माफिया की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए मुनक नहर क्षेत्र में पुलिस ने गश्त शुरू की थी। जिसके एक दिन बाद यह कार्रवाई हुई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''हमने नहर से पानी चोरी करने के आरोप में दो टैंकर जब्त किए हैं। एक टैंकर को खेत के पास 'कच्ची सदर' से और दूसरे को डीएसआईआईडीसी डी-ब्लॉक से जब्त किया गया। हमने बवाना और नरेला औद्योगिक क्षेत्र (एनआईए) थाने में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दो मुकदमे दर्ज किए हैं।'' अधिकारी ने बताया कि 56 पुलिसकर्मी चरणों में नहर की सुरक्षा कर रहे हैं।

पानी  देने से इंकार

पानी की किल्लत की वजह से हिमाचल से टैंकर लाए जा रहे थें। लेकिन इस महासंकट के बीच हिमाचल सरकार भी पानी देने के वादे से पलट गई है। दिल्ली में इस सम हर दिन 50 मिलियन गैलन पानी की शॉर्टेज चल रही है। जिसपर हिमाचल प्रदेश की सरकार का कहना है कि हम दिल्ली को 137 क्यूसेक अतिरिक्त पानी नहीं दे पाएंगे। इस समय में दिल्ली अपने पेयजल की आपूर्ति के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश पर निर्भर है।

पानी की पहरेदारी 

अधिकारियों के अनुसार, पुलिस टीमों ने चौकियां बनाई हैं और हरियाणा की सीमा पर नहर के 15 किलोमीटर के हिस्से पर गश्त कर रही हैं। मुनक नहर बवाना से दिल्ली में प्रवेश करती है और हैदरपुर जल उपचार संयंत्र तक पहुंचती है। बवाना, नरेला औद्योगिक क्षेत्र, शाहबाद डेयरी और समयपुर बादली थानों की टीमों को नहर और आस-पास के इलाकों में गश्त करने का काम सौंपा गया है।

(भाषा इंपुट के साथ)

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