

Pradosh Vrat Kab Hai: शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन शाम के समय पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। हर महीने दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है, जिसे भक्त पूरे नियम और भक्ति के साथ करते है। इस बार फरवरी महीने का प्रदोष व्रत 14 को रखा जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं अनुसार, इस व्रत को रखने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही शनि के दोषों से भी छुटकारा मिल जाता है। इतना ही नहीं शनि प्रदोष व्रत कालसर्प दोष और पितृ दोष आदि के निवारण हेतु भी उत्तम माना जाता है। जानिए फरवरी में प्रदोष व्रत किस तारीख को पड़ रहा है और पूजा का मुहूर्त क्या रहेगा।
फरवरी में प्रदोष व्रत 14 तारीख को रखा जाएगा और ये शनि प्रदोष व्रत होगा। प्रदोष व्रत की त्रयोदशी तिथि 14 फरवरी की शाम 04:01 बजे से शुरू होकर 15 फरवरी की शाम 05:04 बजे तक रहेगी।
शनि प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त 14 फरवरी 2026 की शाम 06:10 से रात 08:44 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा बेहद फलदायी साबित होगी।
प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए सबसे प्रभावशाली व्रतों में से एक माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, सूर्यास्त के बाद और रात्रि के आगमन से पहले का समय 'प्रदोष काल' कहलाता है। मान्यता है कि इस समय महादेव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं।