

Yogi Adityanath Statement : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीखे तेवरों और उपलब्धियों के रिपोर्ट कार्ड के नाम रहा। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष और खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर हमले किए। उन्होंने सदन में गालिब का शेर पढ़ते हुए विपक्षी आचरण पर तंज कसा- उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का जो व्यवहार था, उसने उस पुराने दौर की याद दिला दी जब प्रदेश की बेटियां घबराती थीं और व्यापारी डरा करते थे। उन्होंने दोटूक कहा कि सपा के इस आचरण से पूरा सदन आहत है। योगी ने यह भी कहा कि वंदे मातरम का विरोध करते हैं, उन्हें कान पकड़कर हिंदुस्तान से बाहर कर देना चाहिए।
यूपी की बदलती तस्वीर का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि पिछले छह वर्षों में प्रदेश अव्यवस्था से अनुशासन और समस्या से समाधान की यात्रा पर निकला है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि 3T (टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन) का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री ने गर्व से साझा किया कि 6 साल में 8 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं और आज यूपी देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने इसे आर्थिक सर्वेक्षण के जरिए डंके की चोट पर प्रमाणित करने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के दौर की तुलना आज के यूपी से करते हुए कहा कि पहले कानून चंद हाथों की जागीर थी और त्योहारों पर आस्था के बजाय आशंका का माहौल रहता था। उन्होंने माफियाओं पर प्रहार करते हुए कहा कि पहले सत्ता के संरक्षण में गुंडे पलते थे, लेकिन आज अपराधी सिर्फ अपराधी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यूपी में दंगे नहीं होते, बल्कि टेंपल इकोनॉमी फल-फूल रही है। माघ मेले में 21 करोड़ श्रद्धालुओं का आना इस बड़े बदलाव का प्रमाण है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अब न कर्फ्यू, न दंगा, यूपी में सब चंगा!
मुख्यमंत्री ने माफियाओं और राम मंदिर के विरोध का मुद्दा उठाया। उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग माफियाओं की कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं और वंदे मातरम का विरोध करते हैं, उनके लिए हिंदुस्तान में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्हें कान पकड़कर बाहर कर देना चाहिए। उन्होंने अयोध्या, काशी और मथुरा का जिक्र करते हुए इसे राष्ट्रचेतना का पुनर्जागरण बताया। सीएम ने कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं या श्रीराम को मिथक बताया कि वे आज सनातन की शक्ति के सामने बौने साबित हुए हैं। उन्होंने अंत में कहा कि आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण केवल आस्था नहीं, बल्कि नए भारत के उदय का प्रतीक है।