केंद्र ने अमृत योजना के तहत दिल्ली जल बोर्ड को दिया 800 करोड़, राजधानी में नहीं होगी पानी की किल्लत

केंद्र सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड को प्रोत्साहन के लिए 800 करोड़ रुपये दिए हैं। ताकि शहरभर में झुग्गी-झोपड़ियों और अनाधिकृत कॉलोनियों में सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें।
केंद्र ने अमृत योजना के तहत दिल्ली जल बोर्ड को दिया 800 करोड़, राजधानी में नहीं होगी पानी की किल्लत
दिल्ली जलबोर्ड (फोटो-सोशल मीडिया)
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नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने एक प्रमुख वित्तीय प्रोत्साहन के रूप में, हाल में अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना के तहत दिल्ली जल बोर्ड के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, ताकि शहरभर में झुग्गी-झोपड़ियों और अनाधिकृत कॉलोनियों में सीवर कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें।

इस महीने की शुरुआत में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के अधिकारियों और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत अमृत योजना की शीर्ष समिति के बीच एक बैठक हुई थी, जिसमें यमुना सफाई परियोजना के तहत धनराशि को मंजूरी दी गई थी।

प्रस्ताव के अनुसार, यमुना नदी के समग्र सुधार के लिए अमृत योजना के अंतर्गत झुग्गी-झोपड़ियों वाले क्षेत्रों में लगभग 13,000 नए सीवर कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। एक आधिकारिक दस्तावेज में कहा गया है, ‘‘केंद्र शासित प्रदेश (दिल्ली) को यमुना पुनरुद्धार और सीवरेज प्रबंधन के लिए समग्र रूप से काम करने और इसके पुन: उपयोग के लिए स्पष्ट प्रसंस्करण रणनीति बनाने की भी सलाह दी गई। दिल्ली में भाजपा के नेतृत्व वाली नयी सरकार के पहले बजट में जल एवं सीवरेज क्षेत्र को 9,000 करोड़ रुपये का सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट में सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। जल बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इस निधि के माध्यम से हम अगले कुछ वर्षों में अपनी समग्र सीवरेज क्षमता को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से विभाग सभी क्षेत्रों में सीवर कनेक्शन प्रदान करने का प्रयास कर रहा है, ताकि खुले में कोई सीवेज न बहे और यमुना में न गिरे।

बता दें कि राजधानी दिल्ली में गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत हो जाती है। खासकर गर्मी के मौसम में लोगों पानी को लेकर मारामारी रहती है। पिछले साल गर्मी में उत्तर पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में पानी की भारी कमी हो गई थी।

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