

वारंगल: तेलंगाना के वारंगल में एमजेएम अस्पताल के द्वितीय वर्ष के मेडिकल छात्र को 22 फरवरी को प्रथम वर्ष की मेडिकल छात्रा द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आयुक्त एवी रंगनाथ ने बताया कि, हमने एससी/एसटी अधिनियम और रैगिंग विरोधी अधिनियम लागू किया है। आगे की जांच जारी है।
वारंगल पुलिस कमिश्नर ने यह भी बताया कि, पीड़िता का हैदराबाद में इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सोशल मीडिया और दोनों के बीच निजी बातचीत से पता चलता है कि यह रैगिंग का मामला है। टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की जांच जारी रहेगी।
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मिली जानकारी के अनुसार, वारंगल के काकतीय मेडिकल कॉलेज के प्रथम वर्ष के एक छात्रा ने बुधवार को एक सीनियर द्वारा कार्यस्थल पर बार-बार उत्पीड़न के कारण आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने कहा कि प्रथम वर्ष की छात्रा धारावत प्रीति ने तेलंगाना के वारंगल में एमजीएम अस्पताल के स्टाफ रूम में खुद को हानिकारक पदार्थ का इंजेक्शन लगाया। प्रीति को बाद में अन्य डॉक्टरों ने ढूंढा, जिन्होंने तुरंत उसका इलाज शुरू किया, हालांकि, बाद में जब उसकी हालत बिगड़ी तो उन्होंने उसे हैदराबाद के निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनआईएमएस) में स्थानांतरित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि पीड़िता के पिता ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और एक वरिष्ठ छात्र पर अपनी बेटी को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। आरोपी मेडिकल कॉलेज के एनेस्थीसिया विभाग में द्वितीय वर्ष का छात्र है और एक चिकित्सक भी है। पीड़िता के पिता का आरोप है कि वह उसकी बेटी को नीचा दिखाने और परेशान करने के लिए फब्तियां कसता था। उसने कहा कि आरोपी ने एक सोशल मीडिया मंच पर भी उसकी बेटी के खिलाफ टिप्पणियां की थीं और इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या की कोशिश की।
सरकारी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक को अस्पताल कर्मियों और चिकित्सकों ने बेहोशी की हालत में पाया था और वहां उसका प्राथमिक इलाज किया गया था, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे एनआईएमएस रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने संदेह जताया है कि महिला ने कोई दवा लेकर आत्महत्या करने की कोशिश की।