- Hindi News »
- India »
- Supreme Court Verdict On Asaram Trust Proceedings To Reclaim Land In Gujarat Stayed
सुप्रीम कोर्ट से आसाराम ट्रस्ट को मिली बड़ी राहत, गुजरात में जमीन वापस लेने की कार्रवाई पर लगाई गई रोक
Asaram Trust Land Controversy: सुप्रीम कोर्ट से आसाराम ट्रस्ट को राहत मिली है। गुजरात में आसाराम ट्रस्ट से 45,000 वर्ग मीटर जमीन वापस लेने के मामले में कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी।
- Written By: सजल रघुवंशी

सुप्रीम कोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Supreme Court Verdict On Asaram Trust: सुप्रीम कोर्ट से आसाराम ट्रस्ट को बड़ी राहत मिली है। गुजरात में आसाराम ट्रस्ट से 45,000 वर्ग मीटर जमीन वापस लेने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने गुजरात सरकार को निर्देश दिया कि अहमदाबाद स्थित आश्रम की जमीन और संपत्तियों के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई न की जाए और यथास्थिति बनाए रखी जाए। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी।
आसाराम ट्रस्ट ने राज्य सरकार के करीब 45,000 वर्ग मीटर जमीन वापस लेने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। यह जमीन मोटेरा में नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास स्थित है, जहां सरदार पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक गुजरात हाईकोर्ट के 17 अप्रैल के फैसले पर रोक रहेगी और जमीन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
हाईकोर्ट के बाद खटखटाया था सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
जमीन को खाली कराने को लेकर सरकार की ओर से जारी नोटिस को ट्रस्ट ने गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद डिवीजन बेंच ने भी आश्रम की अपील को खारिज कर दिया था। डिवीजन बेंच ने सिंगल जज के कलेक्टर के जमीन वापस लेने के आदेश को बरकरार रखा था।
सम्बंधित ख़बरें
‘वह विवाह से पहले उसके साथ रहने क्यों चली गई?’, लिव इन रिलेशनशिप वाले एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
गुवाहाटी हाईकोर्ट से लगा झटका तो सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचे पवन खेड़ा; क्या मिलेगी गिरफ्तारी से राहत?
सड़क सुरक्षा पर ट्रेलर यूनियन के सुझाव, चेकपोस्ट बैरियर और ट्रक पार्किंग के लिए ‘ट्रांसपोर्ट प्लाजा’ की मांग
चूहों ने कराई ‘मैडम’ की बेल! रिश्वत के नोटों को कुतरा तो सुप्रीम कोर्ट भी रह गया हैरान; जाने क्या है मामला?
हाईकोर्ट ने क्या कहा था?
हाईकोर्ट ने कहा था कि आसाराम ट्रस्ट ने जमीन आवंटन की शर्तों का उल्लंघन किया और साबरमती नदी क्षेत्र की जमीन पर भी अवैध कब्जा किया गया। नदी की जमीन का नियमितीकरण किसी भी हालत में नहीं किया जा सकता। आश्रम ने हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए चार हफ्ते के स्टे की मांग की थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने शर्त रखी थी कि अगर आश्रम जमीन खाली करने का हलफनामा देगा, तभी उसे राहत दी जाएगी। आश्रम की ओर से ऐसा न करने पर राहत नहीं दी गई थी।
अदालत ने सरकार से पूछा सवाल
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि नगर निगम द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में जरूरी विवरण की कमी है। पूरा मामला नोटिस पर आधारित है, लेकिन पर्याप्त आधार नजर नहीं आ रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि जब पहले कुछ जमीन को नियमित किया गया था, तो अब अचानक उसे अवैध बताकर वापस लेने की जरूरत क्यों पड़ी?
सरकार ने जमीन पर कब्जा करने के लगाए थे आरोप
गुजरात सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1980 में आश्रम को 6,261 वर्ग मीटर जमीन आवंटित की गई थी। इसके बाद अतिरिक्त जमीन पर कब्जा किया गया और आवंटन शर्तों का उल्लंघन किया, जबकि आश्रम की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कार्रवाई को गैरकानूनी और दुर्भावनापूर्ण बताया और कहा कि आसाराम ट्रस्ट के पास 1980 के दशक से वैध दस्तावेज हैं। समान परिस्थितियों में अन्य संस्थाओं को राहत दी गई, लेकिन अब निशाना बनाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें: ‘वह विवाह से पहले उसके साथ रहने क्यों चली गई?’, लिव इन रिलेशनशिप वाले एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को तय की है।
एजेंसी इनपुट के साथ…
Supreme court verdict on asaram trust proceedings to reclaim land in gujarat stayed
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
सुप्रीम कोर्ट से आसाराम ट्रस्ट को मिली बड़ी राहत, गुजरात में जमीन वापस लेने की कार्रवाई पर लगाई गई रोक
Apr 27, 2026 | 06:50 PMSomvar Shiv Abhishek: महादेव को प्रसन्न करने के लिए सोमवार को इन चीजों से करें अभिषेक, टल जाएगा हर संकट
Apr 27, 2026 | 06:36 PMमंत्री नितेश राणे जाएंगे जेल! कीचड़ फेक मामले में कोर्ट ने सुनाई 1 माह जेल की सजा, महाराष्ट्र में सियासी तूफान
Apr 27, 2026 | 06:32 PMहोर्मुज संकट के बावजूद LNG टैंकरों की मांग में भारी उछाल, आखिर क्यों जहाजों के लिए मची है होड़?
Apr 27, 2026 | 06:29 PMमहोबा भाजपा में भारी हड़कंप! पूर्व महिला मंत्री ने जिला अध्यक्ष पर लगाए संगीन आरोप, फेसबुक लाइव के जरिए रखी बात
Apr 27, 2026 | 06:28 PMअंगकृष रघुवंशी पर BCCI का कड़ा एक्शन, ‘ऑबस्ट्रक्टिंग द फील्ड’ आउट होने के बाद गुस्सा दिखाना पड़ा भारी
Apr 27, 2026 | 06:28 PMभय नहीं…भाजपा चाहिए! चुनाव प्रचार खत्म होते ही बंगाल के नाम PM मोदी का पत्र, लिखा- अब बदलाव होकर रहेगा
Apr 27, 2026 | 06:24 PMवीडियो गैलरी

छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से मचे बवाल पर बागेश्वर बाबा ने मांगी माफी, देखें VIDEO
Apr 26, 2026 | 10:48 PM
क्रिप्टो करेंसी के ‘काले खेल’ में नपे तीन वर्दीधारी; इंदौर के 3 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
Apr 26, 2026 | 10:28 PM
Asaduddin Owaisi: क्या 18 करोड़ मुसलमानों से नाइंसाफी कर बनेगा ‘विकसित भारत’? ओवैसी ने मोदी सरकार को ललकारा!
Apr 26, 2026 | 10:07 PM
AIMIM नेता सैयदा फलक के बिगड़े बोल, PM मोदी और अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी; योगी आदित्यनाथ को बंदर कहा- VIDEO
Apr 26, 2026 | 10:00 PM
बीकॉम में हुआ फेल, फिर भी बन गया सरकारी बाबू! खण्डवा के मोहन काजले के फर्जीवाड़े पर कोर्ट का बड़ा फैसला- VIDEO
Apr 26, 2026 | 09:58 PM
बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता की जनता के बीच पहुंंचा ‘नवभारत’, जानें ममता के गढ़ में क्या है चुनावी मिजाज- VIDEO
Apr 26, 2026 | 09:54 PM














