दिग्विजय सिंह ने किया स्वागत, बोले– इंदौर महापौर पुष्यमित्र के पत्र से मिलेगा न्यायालय में पक्ष रखने का अवसर

MP Political News: दिग्विजय सिंह ने इंदौर मेयर के पत्र का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से उन्हें SC में अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। मामला अब अवमानना कार्रवाई की मांग के बाद चर्चा में है।
Digvijaya Singh Indore Mayor Contempt Case
दिग्विजय सिंह और पुष्यमित्र भार्गव (फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन)
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Digvijaya Singh Indore Mayor Contempt Case: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा उनके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना कार्रवाई को लेकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को लिखे गए पत्र का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से उन्हें न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और वे पूरी मजबूती के साथ अपने तथ्यों को प्रस्तुत करेंगे।

दिग्विजय सिंह ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से दूरभाष पर बातचीत कर उनके पत्र के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह आवश्यक है कि हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिले। उन्होंने कहा कि वे सर्वोच्च न्यायालय में सभी तथ्यों और परिस्थितियों को विस्तार से रखेंगे।

हर नागरिक को विचार रखने का अधिकार

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक और जनप्रतिनिधि को अपने विचार रखने का अधिकार है, साथ ही संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपना पक्ष रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य और तथ्य न्यायालय के समक्ष पूरी स्पष्टता के साथ सामने आएंगे और न्याय की प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ेगी।

कानूनी प्रक्रिया का सामना करेंगे

दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि अपने लगभग 50 वर्षों के राजनीतिक जीवन में उन्होंने हमेशा संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और न्यायपालिका का सम्मान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगे भी इसी परंपरा का पालन करते रहेंगे और हर कानूनी प्रक्रिया का सम्मानपूर्वक सामना करेंगे।

मेयर ने लिखा पत्र

दरअसल, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सॉलिसिटर जनरल को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह का बयान न्यायपालिका की गरिमा के विपरीत है और इससे आम जनता के बीच न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

महापौर ने साक्ष्य भी भेजे

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपने पत्र में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट एक्ट 1971 की धारा 15(1)(बी) का हवाला देते हुए सॉलिसिटर जनरल से मामले की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की अनुमति देने का अनुरोध किया है। साथ ही पत्र के साथ कथित बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग, लिखित प्रतिलिपि और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य भी संलग्न किए गए हैं।

अब न्यायिक प्रक्रिया पर सबकी नजर

इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मामला अब केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के दायरे में भी आ चुका है। दोनों पक्षों के बयानों के बाद इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है। फिलहाल सभी की निगाहें आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं, जहां यह स्पष्ट होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और अदालत में क्या रुख सामने आता है।

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