संजय रॉय को नहीं अच्छी लग रही जेल की रोटी-सब्जी, कोलकाता कांड के आरोपी ने अंडा चाउमीन का किया डिमांड

। प्रेसीडेंसी सुधार गृह में बंद आरोपी संजय रॉय को रोटी-सब्जी अच्छी नहीं लग रही है। उसने जेल में अंडा चाउमीन का डिमांड किया है। संजय रॉय का पॉलिग्राफ टेस्ट किया गया था। उससे पहले उसने मटन खाया था, हालांकि मटन जेल के मैन्यू के मुताबिक ही दिया गया था। इसके बाद उसने सोने के लिए थोड़ा एकस्ट्रा समय की डिमांड की।
संजय रॉय को नहीं अच्छी लग रही जेल की रोटी-सब्जी
संजय रॉय (सौ.सोशल मीडिया)
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कोलकाता: आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दरिंदगी मामले में आरोपी संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया है। जेल में बंद आरोपी के भी गजब के नखरे देखने को मिल रहे हैं। एक ओर जहां इस घटना से पूरा देश शर्मसार हो गया वहीं आरोपी को अभी भी मौज में जीना चाहता है। प्रेसीडेंसी सुधार गृह में बंद आरोपी संजय रॉय को रोटी-सब्जी अच्छी नहीं लग रही है। उसने जेल में अंडा चाउमीन का डिमांड किया है।

संजय रॉय का पॉलिग्राफ टेस्ट किया गया था। उससे पहले उसने मटन खाया था, हालांकि मटन जेल के मैन्यू के मुताबिक ही दिया गया था। इसके बाद उसने सोने के लिए थोड़ा एकस्ट्रा समय की डिमांड की। अब उसने अधिकारियों से नई डिमांड कर दी है। आरोपी ने कहा कि उसे जेल की रोटी-सब्जी अच्छी नहीं लग रही है। इस सादे खाने से ऊब चुका है इसलिए वो अंडा चाउमीन खाना चाहता है।

मौज में जी रहा रॉय

अधिकारियो ने संजय रॉय के इस डिमांड पर उसकी क्लास भी लगाई और फिर खानें में रोटी-सब्जी परोसा गया। हालांकि रोटी-सब्जी दिए जाने पर संजय फिर से गुस्सा करने लगा था। सूत्रों की मानें तो संजय पर जेल का भी कोई खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। उसके चेहरे पर पछतावे की कोई निशानी नजर नहीं आ रही है। जेल में भी वो चैन की नींद सोता है और साहबों जैसा खाने का डिमांड करता है। इससे लेकर पहले से ही यह बात कही जाती थी कि संजय रॉय एक सनकी तरह का इंसान है। उसके ससुराल वालों ने उसे नशेड़ी और अय्याश का भी दर्जा दिया था।

जेल के कुछ खास नियम 

संजय रॉय के इस डिमांड को अधिकारियों ने पूरी तरह से इनकार कर दिया है। जेल में बंद कैदियों को जेल के मैन्यू के मुताबिक ही खाना परोसा जाता है। वहीं नियम के मुताबिक ही सोना और उठना भी पड़ता है, हालांकि खराब तबीयत की वजह से थोड़ी राहत दी जाती है लेकिन जेल में कोई भी आरोपी अपने मन मुताबिक काम नहीं कर सकता है। जेल में काफी कड़े नियम होते हैं जिसे हर आरोपी को फॉलो करना पड़ता है। अधिकारियों की बात नहीं मानने पर अलग से और सजा दी जाती है।

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