पुणे पुलिस की पहल: आम जनता बनी ट्रैफिक प्रहरी, PTP ऐप से ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर नजर, नागरिकों को इनाम

Pune Police Initiative: पुणे पुलिस ने PTP मोबाइल ऐप के जरिए ट्रैफिक नियम उल्लंघन की रिपोर्ट करने वाले नागरिकों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। 
Pune Police initiative: Public becomes traffic guard, PTP app tracks traffic violators, rewards citizens
Pune Traffic Management ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Pune Traffic Management: पुणे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार लाने और इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पुणे पुलिस ने एक क्रांतिकारी पहल की है।

सोमवार को पुणे पुलिस आयुक्तालय में आयोजित एक विशेष समारोह में उन नागरिकों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने 'PTP' मोबाइल ऐप के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों की सर्वाधिक रिपोर्ट की थी।

क्या है 'PTP' रिवॉर्ड स्कीम ?

यातायात पुलिस ने 'पुणे प्लेटफॉर्म फॉर कोलैबोरेटिव रिस्पांस' के सहयोग से इस विशेष पुरस्कार योजना की शुरुआत की है। जनवरी माह में लॉन्च किए गए इस ऐप का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को यातायात पुलिस की 'आंख और कान' बनाना है। इस योजना के अंतर्गत, जनवरी महीने में सबसे ज्यादा उल्लंघन रिपोर्ट करने वाले शीर्ष पांच नागरिकों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के हाथों इन विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, उन तीन पुलिस कर्मियों को भी पुरस्कृत किया गया जिन्होंने इस ऐप के माध्यम से सर्वाधिक कार्रवाई सुनिश्चित की।

पुरस्कारों का विवरण

क्रमांक पुरस्कार राशि (₹)
1 प्रथम पुरस्कार 50,000
2 द्वितीय पुरस्कार 25,000
3 तृतीय पुरस्कार 15,000
4 चतुर्थ पुरस्कार 10,000
5 पंचम पुरस्कार 5,000

3.83 करोड़ का जुर्माना वसूला

93,190 नागरिक इस ऐप से जुड़ चुके हैं। इनके माध्यम से कुल 1,81,555 उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए, जिनमें से सत्यापन के बाद पुलिस ने 1,32,485 चालान सफलतापूर्वक जारी किए हैं।

इस ऐप की सबसे अनिवार्य शर्त यह है कि कोई भी नागरिक दूसरों की शिकायत तभी कर सकता है जब उसके स्वयं के वाहन पर कोई पुराना चालान लंबित (Pending) न हो।

इस शर्त के सकारात्मक परिणाम स्वरूप, ऐप का उपयोग करने वाले नागरिकों ने स्वयं अपने पुराने लंबित चालानों के रूप में 3,83,37.900 (3.83 करोड़ रुपये) का जुर्माना सरकारी खजाने में जमा किया है।

पुणे जैसे महानगर की यातायात व्यवस्था केवल पुलिस के भरोसे नहीं सुधारी जा सकती, जब नागरिक स्वयं जागरूक होकर निगरानी करेंगे, तभी सड़कें सुरक्षित होंगी। यह योजना केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि नागरिकों में जिम्मेदारी का भाव जगाने के लिए है।

-  पुलिस आयुक्त, अमितेश कुमार

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