बांग्लादेश में हिंदु-अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा, RSS ने की निंदा, कहा- मोदी सरकार सुनिश्चित करें सुरक्षा

बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा जारी है, जिस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार को 'गहरी चिंता' व्यक्त की है। साथ ही भारत सरकार से उनकी सुरक्षा के लिए प्रयास करने और सभी राजनीतिक दलों से उत्पीड़न के शिकार समुदायों के साथ एकजुट रहने की भी अपील की है।
RSS on Hindus Attacked in Bangladesh
बांग्लादेशी हिंदुओं पर हमला (फोटो: PTI)
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नई दिल्ली. बांग्लादेश में हिंदुओं, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा जारी है, जिस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार को 'गहरी चिंता' व्यक्त की है। साथ ही भारत सरकार से उनकी सुरक्षा के लिए प्रयास करने और सभी राजनीतिक दलों से उत्पीड़न के शिकार समुदायों के साथ एकजुट रहने की भी अपील की है।

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा, आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बांग्लादेश में वर्तमान में हो रही घटनाओं पर एक बयान जारी किया है। अपने बयान में होसबाले ने कहा, "आरएसएस पिछले कुछ दिनों में सत्ता परिवर्तन के लिए आंदोलन के दौरान हिंदुओं, बौद्धों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हुई हिंसा की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करता है।"

मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हमले बर्दाश्त नहीं

अपने बयान में होसबाले ने यह भी कहा कि लक्षित हत्या, लूट, आगजनी, हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराध और मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि आरएसएस इसकी कड़ी निंदा करता है।

भारत के राजनीतिक दल एकजुट रहें

होसबाले ने आगे कहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसी घटनाओं को सख्ती से रोकें और पीड़ितों के जीवन, संपत्ति और सम्मान की रक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं करें। उन्होंने वैश्विक समुदाय और भारत के राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे उत्पीड़न के शिकार हिंदुओं, बौद्धों और अन्य समुदायों के साथ एकजुट रहें।

सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करें भारत सरकार

आरएसएस के सरकार्यवाह ने भारत सरकार से भी अपील की है कि आरएसएस उससे आग्रह करता है कि वह बांग्लादेश के मित्रवत पड़ोसी देश के रूप में उचित भूमिका निभाने का प्रयास करें और हिंदुओं, बौद्धों और अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करें।

बांग्लादेश में क्या हुआ

गौरतलब है कि बांग्लादेश में सोमवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद से कई हिंदू मंदिरों, हिंदू समुदाय के लोगों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है। दरअसल, नौकरियों में विवादास्पद कोटा प्रणाली को लेकर शेख हसीना नीत सरकार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद देश में अव्यवस्था का माहौल हो गया था। बांग्लादेश में भड़की हिंसा में कम से कम 300 से अधिक लोग मारे गए हैं।

बता दें कि नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस ने गुरुवार को शेख हसीना की जगह बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली है।

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