
वायरल पोस्ट (सोर्स - सोशल मीडिया)
Bihar Election Fact Check : बिहार चुनाव नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में देखा जा सकता है रसगुल्ले से भरे भगोने को दो लोग गढ्ढे में फेंक कर खाली कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि आरजेडी के समर्थकों ने अपनी हार से नाराज होकर रसगुल्ले गरीबों बांटने के बजाय जमीन में गाड़ दिए।
कई यूजर्स इस तस्वीर को पोस्ट कर लिख रहे हैं कि “रसगुल्ले को दफ़न कर दिया लेकिन गरीबों को नहीं खिलाया क्योंकि RJD के बाहुबली नेता चुनाव हार गए।” चुनावी माहौल के बीच यह तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है।
पोस्ट का लिंक…
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही फोटो का स्क्रीनशॉट।
फैक्ट-चेक करने पर पता चला कि वायरल की जा रही तस्वीर का बिहार से कोई संबंध नहीं है। यह तस्वीर करीब 5 साल पुरानी है और हरियाणा के सिरसा जिले की है। 2020 में कोरोना काल के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वहां अचानक निरीक्षण किया था।
इस जांच में एक मिठाई फैक्ट्री और गोदाम से बड़ी मात्रा में खराब और सड़े हुए रसगुल्ले बरामद हुए थे। मिठाइयों में मक्खियाँ भरी हुई थीं और उत्पादन स्थल पर स्वच्छता संबंधी गंभीर लापरवाही पाई गई थी। खराब गुणवत्ता और स्वास्थ्य खतरे को देखते हुए इन्हें मौके पर ही नष्ट किया गया था।
वायरल फोटो 5 साल पुरानी
अमर उजाला की वेबसाइट पर मौजूद खबर का स्क्रीनशॉट।
इस तस्वीर से जुड़ी खबर 10 नवंबर 2020 को अमर उजाला ने अपनी वेबसाइट पर पब्लिश की थी। खबर में साफ लिखा है कि सिरसा में मुख्यमंत्री की फ्लाइंग स्क्वॉड और फूड सेफ्टी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की थी।
टीम ने रंगड़ी रोड स्थित तेल के गोदाम और कंगनपुरा रोड की श्री राधे रसगुल्ला फैक्ट्री से सैंपल लेकर उन्हें लैब भेजा था। साथ ही, लगभग एक क्विंटल खराब मिठाई को नष्ट किया था। खबर में मौजूद तस्वीरें बिल्कुल वही हैं, जिन्हें आज बिहार चुनाव से जोड़कर गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है।
वायरल फोटो के साथ किया जा रहा दावा गलत
पड़ताल से साफ होता है कि सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के साथ किया दावा पूरी तरह गलत है। खराब रसगुल्लों की यह तस्वीर न तो बिहार की है और न ही इसका आरजेडी की चुनावी हार से कोई संबंध है।






