उनको इलाज कराना चाहिए, हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी को बताया 'मानसिक रोगी', असम में घुसपैठ पर क्या बोले?

Assam CM on Rahul Gandhi: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने असम में बढ़ते अवैध घुसपैठियों और अतिक्रमण के खिलाफ अपने कड़े रुख को स्पष्ट किया।
मिर्जापुर में गरजे हिमंता बिस्वा सरमा: राहुल गांधी को बताया 'मानसिक रोगी', असम में घुसपैठ पर दी चेतावनी
हिमंत बिस्व सरमा, फोटो- सोशल मीडिया
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Himanta Biswa Sarma Uttar Pradesh Visit: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर स्थित प्रसिद्ध विंध्याचल धाम में दर्शन-पूजन के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विपक्षी राजनीति और विशेषकर राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने राहुल गांधी की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्हें इलाज की सलाह दी और असम में 35% बांग्लादेशी आबादी होने का दावा कर सुरक्षा चिंताओं को उजागर किया।

विंध्याचल धाम में हाजिरी और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सोमवार को मिर्जापुर के विंध्याचल धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने मां विंध्यवासिनी की विधिवत पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

अपना इलाज कराएं राहुल: सरमा

हिमंता ने राहुल गांधी की मानसिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी स्थिति ठीक नहीं है और उन्हें अपना ठीक से इलाज कराना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का हर बयान अलोकतांत्रिक होता है, जबकि वह स्वयं हमेशा हिंदू समाज और राष्ट्र के हित में बात करते हैं।

असम में घुसपैठ का गंभीर संकट: "35% बांग्लादेशी आबादी"

मुख्यमंत्री ने अपने गृह राज्य असम की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंताजनक आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि असम की वर्तमान स्थिति ठीक नहीं है क्योंकि वहां करीब 35 प्रतिशत आबादी बांग्लादेशी घुसपैठियों की हो चुकी है। उनके अनुसार, इन घुसपैठियों में से केवल 3 प्रतिशत ही स्थानीय हैं, बाकी सब अवैध रूप से रह रहे हैं। हिमंता ने दावा किया कि उनकी सरकार घुसपैठ के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रही है और वे प्रतिदिन लगभग 100 से 150 बांग्लादेशियों को चिन्हित कर वापस भेज रहे हैं।

अतिक्रमण के खिलाफ चलेगा महाभियान

असम में भूमि सुधार और अवैध कब्जों को हटाने की दिशा में चल रहे अभियान का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 50 हजार एकड़ जमीन को अवैध कब्जे से खाली कराया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य अभी बहुत बड़ा है और भविष्य में करीब डेढ़ लाख एकड़ जमीन और खाली कराई जानी है। यह कदम राज्य के स्थानीय नागरिकों के अधिकारों की रक्षा और संसाधनों के सही वितरण के लिए उठाया जा रहा है।

शिवाजी बनाम टीपू सुल्तान: "एक रक्षक तो दूसरा भक्षक"

इतिहास के प्रतीकों और महापुरुषों के सम्मान पर बोलते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने विपक्षी दलों की तुलनात्मक राजनीति पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान को एक समान सम्मान देने की बात करते हैं, उन्हें इतिहास की कोई जानकारी नहीं है। हिमंता ने तर्क दिया कि जहां शिवाजी हिंदुओं के रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं, वहीं टीपू सुल्तान ने हिंदुओं पर घोर अत्याचार किए थे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि एक हिंदुओं का रक्षक है तो दूसरा भक्षक, इसलिए उनकी तुलना संभव नहीं है।

कांग्रेस के भविष्य और 'अकेले हिंदू नेता' पर तंज

राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा करते हुए हिमंता ने साझा किया कि असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें अपने घर आमंत्रित किया है। इस पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि वह भी भाजपा में शामिल हो जाएं। हिमंता ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी में अब वह (पूर्व अध्यक्ष) अकेले हिंदू नेता बचे हैं। गौरतलब है कि हिमंता बिस्वा सरमा के इन बयानों के बाद असम से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, खासकर तब जब हेट स्पीच से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई की बातें सामने आ रही हैं।

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