PM मोदी का किसानों को बड़ा तोहफा, कैबिनेट मीटिंग में लिए 5 बड़े फैसले

पीएम मोदी ने बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट बैठक करते हुए कई बड़े फैसले लिए। पीएम ने खरीफ फसल पर एमएसपी तय करते हुए लागत से 50% अधिक एमएसपी को मंजूरी दी।
PM मोदी का किसानों को बड़ा तोहफा, कैबिनेट मीटिंग में लिए 5 बड़े फैसले
PM मोदी का किसानों को बड़ा तोहफा
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। पीएम मोदी ने बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट बैठक करते हुए कई बड़े फैसले लिए। पीएम ने खरीफ फसल पर मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) तय करते हुए लागत से 50% अधिक एमएसपी को मंजूरी दी।

कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बात की। इस दौरान केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि बैठक में पीएम मोदी ने 5 अहम फैसले लिए। इसमें किसानों को कृषि ऋण में ब्याज में छूट दिए जाने का ऐलान किया।

कैबिनेट मीटिंग में लिए 5 बड़े फैसले

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार ने धान, कपास, सोयाबीन, अरहर समेत खरीफ की 14 फसलों की मिनिमम सपोर्ट प्राइस (एमएसपी) बढ़ा दी है। धान की नई एमएसपी 2,369 रुपए तय की गई है, जो पिछली एमएसपी से 69 रुपए ज्यादा है। इसी प्रकार कपास की नई एमएसपी 7,710 रुपए तय की गई है। इसकी एक दूसरी किस्म की नईएमएसपी 8,110 रुपए कर दी गई है, जो इससे पहले की एमएसपी से 589 रुपए ज्यादा है।

नई एमएसपी से सरकार पर 2 लाख 7 हजार करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। यह पिछले फसल सीजन की तुलना में 7 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एमएसपी फसल की लागत से कम से कम 50% ज्यादा हो, इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है।

एमएसपी में 23 फसलें शामिल:

  • 7 प्रकार के अनाज (धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी और जौ)
  • 5 प्रकार की दालें (चना, अरहर/तुअर, उड़द, मूंग और मसूर)
  • 7 तिलहन (रेपसीड-सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम, निगरसीड)
  • 4 व्यावसायिक फसलें (कपास, गन्ना, खोपरा, कच्चा जूट)

किसानों को बयाज में छूट

खरीफ फसल पर एमएसपी में वृद्धि के अलावा सरकार ने 2025-26 के लिए संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) को जारी रखने का फैसला किया। एमआईएसएस एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है। इसके तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड ( KCC) के माध्यम से 7% की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक के अल्पकालिक ऋण प्राप्त हुए, जिसमें पात्र ऋण देने वाली संस्थाओं को 1.5% ब्याज अनुदान प्रदान किया गया।

इसके अलावा ऋण का समय पर भुगतान करने वाले किसान शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) के रूप में 3% तक के प्रोत्साहन के पात्र हैं, जिससे केसीसी ऋण पर उनकी ब्याज दर प्रभावी रूप से 4% हो जाती है।

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