

नई दिल्ली: देश की सीमाओं पर तनाव लगातार गहराता जा रहा है। उत्तर में बारामुल्ला से लेकर दक्षिण में गुजरात के भुज तक, पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियों में तेज़ी देखी जा रही है। कुल 26 स्थानों पर संदिग्ध सशस्त्र ड्रोन देखे गए हैं, जो न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि नागरिक इलाकों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। खास तौर पर फिरोजपुर में एक ड्रोन हमले ने एक स्थानीय परिवार को भी गंभीर नुकसान पहुंचा दिया है।
सुरक्षा बलों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अधिकतर ड्रोन को निष्क्रिय कर दिया है। वहीं, फिरोजपुर में ड्रोन से हुए हमले में घायल हुए तीन लोगों में से एक महिला की हालत नाजुक बताई गई है, जिसे जलन के गंभीर घाव आए हैं। बाकियों का इलाज जारी है। सभी एक ही परिवार के सदस्य हैं। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सभी संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत जवाबी कार्रवाई की जा रही है।
सेना की चौकसी और काउंटर-ड्रोन तैयारी रक्षा सूत्रों के अनुसार, सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में सेना हाई अलर्ट पर है। आधुनिक काउंटर-ड्रोन सिस्टम के जरिए हर हवाई खतरे पर नजर रखी जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लगातार निगरानी और सुरक्षा उपायों को मजबूत किया गया है ताकि किसी भी संभावित हमले को तुरंत रोका जा सके।
नागरिकों के लिए अलर्ट, सतर्कता जरूरी
सेना और प्रशासन की ओर से सीमावर्ती नागरिकों को घर के भीतर रहने और गैर-जरूरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी संदिग्ध चीज या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को देने की अपील की गई है। हालाँकि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्कता अब सबसे ज़रूरी हथियार बन चुकी है।