Lok Sabha News: प्रश्नकाल के समय शेरो-शायरी नहीं! स्पीकर ओम बिरला ने ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को दे डाली नसीहत

Parliament Updates: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ओम बिरला ने ऊर्जा मंत्री खट्टर को उस वक्त टोक दिया, जब वह प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के सांसद हरीश मीणा के पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए उनकी पार्टी पर शेर से तंज कसने लगे।
लोकसभा में शेरो-शायरी नहीं! स्पीकर ओम बिरला ने ऊर्जा मंत्री खट्टर को दी नसीहत
कॉन्सेप्ट फोटो (सोर्स - सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बृहस्पतिवार को ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से कहा कि उन्हें सदन में प्रश्नकाल के दौरान शेरो शायरी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान खट्टर को उस वक्त टोका जब ऊर्जा मंत्री ने एक पूरक प्रश्न का उत्तर देने के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए एक शायरी पढ़ी। वह कांग्रेस के लोकसभा के सदस्य हरीश मीणा के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इस पर बिरला ने कहा, मंत्री जी, प्रश्नकाल में शेरो शायरी नहीं होती।

दसअसल  केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान आए एक प्रश्न के जवाब में बोलते हुए शेरो-शायरी के माध्यम से अपनी बात रखने लगे थे, तो इस बात पर तुरंत टोकते हुए लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि मंत्री जी सदन में प्रश्न काल के दौरान सीधे-सीधे जबाव दे। प्रश्नकाल के दौरान शेरों शायरी के जरिए जबाव देना नहीं चाहिए।

शेरों-शायरी से कांग्रेस पर साधना चाहा निशाना

खट्टर ने शेर के जरिए कांग्रेस पर निशाना साधना चाह था। इसको लेकर फिर लोकसभा के अध्यक्ष ने मंत्री जी को टोकते हुए कहा था कि यह प्रश्नकाल के दौरान उचित नहीं है। खट्टर को उस वक्त टोका जब ऊर्जा मंत्री ने एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधते एक शायरी पढ़ने लगे। वे कांग्रेस के लोकसभा के सदस्य हरीश मीणा के पूरक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। इस पर बिरला ने कहा, मंत्री जी, प्रश्नकाल में शेरो शायरी नहीं होती। देश की अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विपक्ष के सदस्यों का पादरियों पर हमले को लेकर सदन से वॉकआउट

वहीं कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने मध्य प्रदेश के जबलपुर में कैथोलिक पादरियों पर हुए कथित हमले के विरोध में गुरुवार सदन में नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद ही विपक्षी सांसदों ने इस मुद्दे को उठाने की कोशिश की और कुछ सदस्य नारे लगाते हुए आसन के निकट तक भी पहुंच गए। मध्यप्रदेश के जबलपुर में कथित पादिरियों पर हुए हमले को लेकर विपक्ष के सदस्य इस पर चर्चा चाह रहे थे लेकिन अध्यक्ष की तरफ से इसको लेकर आश्वासन नहीं देने पर सदस्यों ने आसन्न के निकट जाकर नारेबाजी की और सदन से वॉकआउट कर दिया।

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