
100 पुलिसवालों के साथ रेड के बीच आ धमकीं ममता दीदी, ED ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार, FIR दर्ज करने की मांग
West Bengal ED Raid Case: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ममता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तीन ED अधिकारियों को धमकाया और डराया गया। यह मामला 8 जनवरी को कोलकाता में हुई तलाशी कार्रवाई से जुड़ा हुआ है, जिसमें ED अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था।
ED का कहना है कि कोलकाता में तलाशी अभियान के दौरान उनके अधिकारियों को गलत तरीके से रोका गया और उनके काम में बाधा डाली गई। यह याचिका पश्चिम बंगाल सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ दायर की गई है। इस याचिका में ED ने कहा है कि तलाशी के दौरान ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा ने मिलकर उनकी कार्रवाई को रोका और इसे प्रभावित किया।
ED की याचिका में यह भी कहा गया है कि 2,742 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले से जुड़े मामले में 8 जनवरी को की गई तलाशी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जबरन हस्तक्षेप किया। ED ने आरोप लगाया कि ममता और राज्य के अन्य अधिकारियों ने सीबीआई और ED की कार्यवाही में बाधा डाली और इसका विरोध किया।
इसके अलावा, याचिका में यह भी दावा किया गया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने उच्च न्यायालय की कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश की। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए टीएमसी समर्थकों ने सुनियोजित रूप से हंगामा किया। याचिका में कहा गया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करीब 100 पुलिसकर्मियों के साथ प्रतीक जैन के आवास में घुसीं और ED द्वारा जब्त किए गए लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेजों को जबरन ट्रक में डालकर ले गईं।
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ED ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि ममता बनर्जी, डीजीपी राजीव कुमार और सीपी मनोज वर्मा के खिलाफ सीबीआई एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जाए। यह मामला पश्चिम बंगाल में हुए कोयला घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें ED और CBI दोनों की जांच चल रही है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यह देखा जाएगा कि आगे क्या कार्रवाई होती है, लेकिन यह निश्चित रूप से ममता बनर्जी और उनकी सरकार के लिए एक नई चुनौती बनकर उभरी है।






