हिंदू धर्म बनाम हिंदुत्व! ऐसा क्या बोले मणिशंकर अय्यर जो भड़क गई बीजेपी? मचा सियासी बवाल!

Mani Shankar Aiyar: कोलकाता डिबेटिंग सर्कल में 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को बचाना चाहिए' विषय पर हुई बहस के दौरान अय्यर ने कहा कि 'हिंदुत्व' असल में 'डर में जी रहा हिंदू धर्म' है।
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मणिशंकर अय्यर
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Hinduism Vs Hindutva: कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर से एक विवाद खड़ा कर दिया है। अय्यर ने कहा कि 'हिंदुत्व' असल में 'डर में जीता हिंदू धर्म' है। उनके इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

कोलकाता डिबेटिंग सर्कल में आयोजित बहस के दौरान अय्यर ने 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को बचाना चाहिए' विषय पर कहा, "हिंदुत्व का मतलब है कि बीजेपी का कोई नेता एक अंधे, भूखे आदिवासी लड़की को इसलिए थप्पड़ मारे क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल हुई थी।"

अय्यर ने आगे कहा कि हिंदुत्व 80% हिंदुओं को 14% मुसलमानों से डरने को कहता है। इसके अलावा, उन्होंने वी.डी. सावरकर का भी जिक्र किया और कहा कि सावरकर बौद्ध धर्म को हिंदुओं के लिए बड़ा खतरा मानते थे। उन्होंने दावा किया कि सावरकर ने बौद्ध धर्म को हिंदुत्व का "अंतिम खंडन" बताया था।

हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर

अय्यर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा कि हिंदू धर्म एक महान आध्यात्मिक धर्म है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक एजेंडा है। उन्होंने कहा, "हिंदू धर्म ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, फिर भी वह बिना हिंदुत्व की सुरक्षा के जीवित रहा और फल-फूलता रहा।" अय्यर ने यह भी कहा, "गांधीजी और स्वामी विवेकानंद के समय का हिंदू धर्म, सावरकर के हिंदुत्व से बचाने या बढ़ावा देने का कोई तरीका नहीं है।"

बीजेपी नेता का पलटवार

इस बयान पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "एक बार फिर कांग्रेस हिंदुओं के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है। उनका उद्देश्य हिंदू बहुमत को बांटना और अल्पसंख्यकों को एकजुट करना है, ताकि उनका 'वोट बैंक' मजबूत हो।"

इससे पहले, राज्यसभा सदस्य और बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी ने भी हिंदुत्व के पक्ष में अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व का मतलब 'हिंदू तत्व' है, जो हिंदू धर्म का मूल सार है। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म ने अपनी विशेषता और सार्वभौमिकता बनाए रखने के लिए अपने अनुयायियों को धार्मिक ग्रंथों पर बहस करने की स्वतंत्रता दी है, जो किसी अन्य धर्म में नहीं है।

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