'एक दिन खुद ओवैसी को ही बुर्का पहनकर...' AIMIM चीफ के हिजाब वाले बयान पर भड़के कपिल मिश्रा

Kapil Mishra on Owaisi: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के हिजाब वाली पीएम के बयान पर अब विवाद बढ़ता जा रहा है, उनके इस बयान पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने तीखा प्रहार किया है।
'One day Owaisi himself will have to wear a burqa...', Kapil Mishra hits back at the AIMIM chief's statement
कपिल मिश्रा का AIMIM चीफ के बयान पर पलटवार (फोटो- सोशल मीडिया)
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Kapil Mishra Statement on Owaisi Hijab PM Remark: देश की राजनीति में हिजाब और प्रधानमंत्री की कुर्सी को लेकर एक नई और तीखी बहस छिड़ गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने जब यह दावा किया कि भविष्य में कोई हिजाब पहनने वाली महिला देश की प्रधानमंत्री बनेगी, तो सियासी पारा चढ़ना तय था। अब इस बयान पर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने इतना तीखा पलटवार किया है कि सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल मच गई है।

सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा था कि भारत में कोई भी प्रधानमंत्री बन सकता है। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला देश की कमान संभाले। इस बयान पर तंज कसते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि ओवैसी को हिजाब वाली पीएम की चिंता छोड़कर यह सोचना चाहिए कि कहीं एक दिन उन्हें खुद ही बुर्का पहनकर भागना न पड़ जाए। उनका यह बयान अब तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।

हरे झंडे और उद्धव की चुप्पी

कपिल मिश्रा का हमला सिर्फ असदुद्दीन ओवैसी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने उद्धव को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें वाकई हिम्मत है, तो वे अपनी सभा में 'जय श्री राम' का उद्घोष करके दिखाएं। मिश्रा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि उद्धव आजकल हरे झंडों के बीच खड़े होकर भाषण देते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब तक उद्धव को दोबारा भगवा रंग याद आएगा, तब तक बहुत देर हो चुकी होगी। मिश्रा के अनुसार, यह हताशा ही है जो उद्धव ठाकरे से मेयर के मुद्दे पर ऐसे बयान दिलवा रही है।

भ्रष्टाचार का हिसाब और औरंगजेब का जिक्र

मुंबई के सियासी माहौल पर बात करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि वहां हर तरफ भाजपा और महायुति के पक्ष में हवा बह रही है। उन्होंने कोविड काल के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार की याद दिलाते हुए कहा कि जनता उस दौर को नहीं भूली है और भ्रष्टाचारियों को अब अच्छे से पहचान चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों ने राजनीति में औरंगजेब की विचारधारा का घोल डालने की कोशिश की, लेकिन जो अपने ही पूर्वजों के पराक्रम को भूल गए, उन्हें अब लोग समझ रहे हैं। मिश्रा ने जोर देकर कहा कि चाहे उत्तर भारतीय हों या कोई और, अंततः जीत छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदू हृदय सम्राट के आदर्शों की ही होगी।

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