J&K राज्यसभा चुनाव में बड़ा दांव, BJP को हराने के लिए कांग्रेस ने थामा नेशनल कॉन्फ्रेंस का हाथ
Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने हाथ मिलाया है। BJP को घेरने के लिए विपक्षी एकता ने अपने सियासी समीकरण में बदलाव किया है।
- Written By: मनोज आर्या
(फाइल फोटो)
Jammu-Kashmir Rajya Sabha Election: जम्मू-कश्मीर में होने वाले राज्यसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले, कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के उम्मीदवारों को समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (JKPCC) ने गुरुवार देर शाम श्रीनगर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह फैसला लिया, जिसकी घोषणा शुक्रवार को होने वाले मतदान से पहले की गई है। इस घोषणा ने जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक हवा को गर्म कर दिया है, क्योंकि यह फैसला कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक गठबंधन की मज़बूती को प्रदर्शित कर रहा है।
कांग्रेस की प्राथमिकता भाजपा को हराना
जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता तारिक हमीद कर्रा ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी छह विधायक नेशनल कॉन्फ्रेंस के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारा नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन मज़बूत और सैद्धांतिक है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इन चुनावों में भाजपा को हार का सामना करना पड़े। यह बयान स्पष्ट करता है कि दोनों पार्टियों का मुख्य लक्ष्य उच्च सदन के इन चुनावों में भाजपा को जीत से रोकना है।
चार सीटों की लड़ाई में ऐसा है आंकड़ों का खेल
यह राज्यसभा चुनाव गठबंधन की ताक़त की असली परीक्षा लेने वाला है। जम्मू-कश्मीर की 90 सदस्यीय विधानसभा में सभी निर्वाचित विधायक मतदान के लिए पात्र हैं, हालांकि पिछले लगभग 10 वर्षों से और फ़रवरी 2021 के बाद से जम्मू-कश्मीर में कोई सक्रिय विधानसभा नहीं होने के कारण ये चुनाव रुके हुए थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने इन महत्वपूर्ण चुनावों के लिए चार उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं।
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मोहम्मद रजवान चौधरी, सज्जाद किचलू, शमी ओबेरॉय और इमरान नबी डार। दूसरी ओर, भाजपा ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि चौथी सीट के लिए उन्होंने अपनी केंद्र शासित प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा को मैदान में उतारा है।
किस सीट पर किसका पलड़ा भारी
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव में तीन सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस को अपने प्रतिद्वंद्वियों पर स्पष्ट बढ़त हासिल है। हालांकि, सबसे दिलचस्प मुकाबला चौथी सीट पर देखने को मिलेगा। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो, चौथी सीट पर भाजपा को नेशनल कॉन्फ्रेंस और उसके सहयोगियों पर हल्की बढ़त हासिल है। इस सीट पर भाजपा के पक्ष में 28 वोट होने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस के समर्थन के बावजूद नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन के पास 24 वोट हैं। यह संख्या चौथी सीट के नतीजे को अप्रत्याशित बना सकती है।
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इस चुनावी लड़ाई में पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) ने भी अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है। पीडीपी ने तीसरी सीट पर नेशनल कॉन्फ्रेंस को अपना समर्थन देने की घोषणा की है, जो विपक्षी एकजुटता को और मज़बूत करती है। आज, शुक्रवार को होने वाले इस मतदान में दोनों खेमे अपनी पूरी ताक़त लगा रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मतदान के निर्णायक दिन यह गठबंधन कितना एकजुट रहता है और क्या वे मिलकर भाजपा को बहुमत हासिल करने से रोक पाते हैं।
