
इसरो का सैटेलाइट। इमेज-सोशल मीडिया
PSLV-C62 Satellite Launch: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) कल यानी 12 जनवरी को इस साल का अपना पहला अंतरिक्ष मिशन लॉन्च करने जा रहा है। इसरो का ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV-C62) अर्थ आब्जर्वेशन सेटेलाइट (EOS-N1) को अंतरिक्ष में ले जाएगा। PSLV-C62 रॉकेट EOS-N1 के साथ 14 अन्य पेलोड को अंतरिक्ष में ले जाएगा। यह मिशन इसरो की कमर्शियल शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) की तरफ से संचालित किया जा रहा है।
इसरो ने शनिवार को बताया कि रॉकेट और उपग्रहों का एकीकरण पूरा हो चुका है। PSLV-C62 मिशन को 12 जनवरी की सुबह 10:17 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित करने की योजना है। मिशन के लिए 25 घंटे की उल्टी गिनती 11 जनवरी को शुरू होने की उम्मीद है।
इसरो ने बताया कि यह PSLV की 64वीं उड़ान होगी। इस मिशन के साथ भारतीय धरती से लांच किए गए विदेशी उपग्रहों की कुल संख्या 442 हो जाएगी। PSLV ने अब तक 63 उड़ानें पूरी की हैं। इनमें चंद्रयान-1, मंगल आर्बिटर मिशन और आदित्य-एल1 मिशन शामिल हैं। इस मिशन के तहत राकेट थाईलैंड और ब्रिटेन द्वारा निर्मित पृथ्वी अवलोकन उपग्रह के साथ 13 अन्य उपग्रहों को प्रक्षेपण के 17 मिनट बाद इच्छित सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित करेगा। वैसे, रॉकेट के चौथे चरण (पीएस4) का पृथक्करण और स्पेनिश स्टार्टअप के केस्ट्रल इनिशियल टेक्नालॉजी डिमांसट्रेटर (KID) कैप्सूल का प्रदर्शन लांचिंग के 2 घंटे बाद होने की उम्मीद है।
स्पेन की एक स्टार्टअप कंपनी का KID को कक्षा में भेजने के बाद पृथ्वी के वायुमंडल में वापस लाया जाएगा। पीएस4 चरण और केआइडी कैप्सूल पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश करेंगे और दक्षिण प्रशांत महासागर में गिरेंगे। इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने कहा कि इस मिशन के साथ भारतीय धरती से प्रक्षेपण किए गए विदेशी उपग्रहों की कुल संख्या 442 हो जाएगी।
Follow the PSLV-C62 / EOS-N1 Mission live. 🗓️ 12 Jan 2026
🕘 09:47 IST onwards 🚀 Liftoff at 10:17 IST Livestream link:https://t.co/fMiIFTUGpf For more information Visit:https://t.co/3ijojDaYB2#PSLVC62 #EOSN1 #ISRO #NSIL — ISRO (@isro) January 10, 2026
यह भी पढ़ें: Year Ender 2025: इसरो ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, इन 8 उपलब्धियों से दुनिया में बजा भारत का डंका
इस रॉकेट के साथ EOS अन्वेषा सैटेलाइट भेजा जा रहा है। जो समुद्र की निगरानी करेगा। यह मिशन दिखाएगा कि पुराने सुधारों के बाद अब रॉकेट कितना बेहतर हुआ है। इस बार PSLV अपने साथ भारत और विदेशों के कई छोटे सैटेलाइट ले जा रहा है। इनमें एआई, इंटरनेट और स्टूडेंट्स द्वारा बनाए गए रिसर्च सैटेलाइट्स शामिल हैं।
इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने PSLV-C62 मिशन की लॉन्चिंग से पहले शनिवार को तिरुपति स्थित वेंकेटेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। वह रॉकेट की लघु प्रतिकृति अपने साथ लाए थे।






