कॉन्सेप्ट फोटो (एआई जनरेटेड)
Indian Nave Base: हाल के सालों में भारत के अपने पड़ोसियों के साथ रिश्ते खराब हुए हैं। पाकिस्तान के साथ तनाव तो दशकों पुराना है, लेकिन चीन और बांग्लादेश जैसे देशों के साथ भी रिश्ते खराब हुए हैं। इस स्थिति में भारतीय सेना और नौसेना किसी भी खराब हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
भारतीय नौसेना पश्चिम बंगाल के हल्दिया में बंगाल की खाड़ी में एक नया बेस बना रही है, जो चीन और बांग्लादेश के लिए चिंता का कारण बन सकता है। इस नौसैनिक बेस पर युद्धपोत तैनात किए जाएंगे। यह बेस भारत को चीन और बांग्लादेश की किसी भी कार्रवाई का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में मदद करेगा। उम्मीद है कि इससे नौसेना की क्षमताओं में काफी बढ़ोतरी होगी।
जानकारी के मुताबिक, हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल शुरू में नौसैनिक बेस के तौर पर किया जाएगा। वहां फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट और 300-टन के नए वॉटरजेट फास्ट अटैक क्राफ्ट तैनात किए जाएंगे। ये हाई-स्पीड अटैक क्राफ्ट हैं जो 40-45 नॉट की स्पीड से चल सकते हैं, जिनका इस्तेमाल समुद्र में दुश्मन की गतिविधियों को तेज़ी से रोकने के लिए किया जा सकता है।
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भारतीय नौसेना इस बेस पर सीनियर अधिकारियों को भी तैनात करेगी। हालांकि यह दूसरे बेस की तुलना में छोटा होगा, जिसमें सिर्फ लगभग 100 अधिकारी और नाविक तैनात होंगे, लेकिन यह सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यह पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर होगा। भारतीय नौसेना के पास अभी देश भर में कई बेस हैं, जिनमें मुंबई, गोवा, कारवार, कोच्चि, चेन्नई, विशाखापत्तनम, कोलकाता और पोर्ट ब्लेयर में बड़े बेस शामिल हैं।
भारत के साथ बिगड़ते रिश्तों के बीच चीन और बांग्लादेश करीब आ रहे हैं। चीन ने तो बांग्लादेश नौसेना को दो पनडुब्बियां भी दी हैं और चटगांव के पास एक बेस बना रहा है। शुरू में इसका नाम BNS शेख हसीना रखा गया था, लेकिन बाद में इसका नाम बदल दिया गया। इसलिए पश्चिम बंगाल के हल्दिया में यह नया बेस चीन और बांग्लादेश के खिलाफ भारत की समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा क्षमताओं को और बढ़ाएगा।