सांकेतिक तस्वीर, (सो. सोशल मीडिया)
China North Korea Train Service Resumes: एक लंबे अंतराल और कूटनीतिक इंतज़ार के बाद, चीन ने उत्तर कोरिया के लिए अपनी यात्री ट्रेन सेवा को फिर से शुरू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। पूरे छह साल के अंतराल के बाद, दोनों देशों की राजधानियों बीजिंग और प्योंगयांग को जोड़ने वाली पहली यात्री ट्रेन गुरुवार को बीजिंग रेलवे स्टेशन से अपने गंतव्य के लिए रवाना हुई। यह कदम न केवल दोनों देशों के बीच परिवहन संपर्क को सुधारने की दिशा में बड़ा संकेत है बल्कि यह क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों को भी दर्शाता है।
चीन के रेलवे प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर चलने वाली प्रमुख ट्रेन का नाम ट्रेन K27 है। यह ट्रेन अपनी यात्रा शुरू करने के लगभग 24 घंटे 41 मिनट बाद, यानी शुक्रवार शाम 6:07 बजे उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचेगी। अपनी यात्रा के दौरान यह ट्रेन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती शहर डैंडोंग में भी रुकेगी जो बोहाई सागर के उत्तर में स्थित है और दोनों देशों के बीच व्यापार का प्रमुख केंद्र है।
अधिकारियों के अनुसार, बीजिंग और प्योंगयांग के बीच यह यात्री ट्रेन सेवा सप्ताह में चार दिन संचालित की जाएगी। यात्री सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को दोनों दिशाओं में इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इसके साथ ही, डैंडोंग और प्योंगयांग के बीच छोटी दूरी की ट्रेन सेवा को भी दैनिक आधार पर फिर से शुरू किया गया है, जो स्थानीय आवाजाही और व्यापार को गति देगी।
यह ट्रेन सेवा वर्ष 2020 में तब बंद कर दी गई थी जब पूरी दुनिया में कोविड-19 महामारी ने दस्तक दी थी। उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया था, जिसके कारण रेल और हवाई सेवाएं ठप हो गई थीं। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद 2023 में हवाई सेवाओं को आंशिक रूप से बहाल किया गया था लेकिन रेल संपर्क को फिर से शुरू करने में अधिक समय लगा। फिलहाल, उत्तर कोरिया की सरकारी एयरलाइन ‘एयर कोरियो’ सप्ताह में केवल दो बार (मंगलवार और शनिवार) बीजिंग और प्योंगयांग के बीच उड़ान भर रही है।
ट्रेन सेवा फिर से शुरू होते ही इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार की पहली यात्रा के सभी टिकट पूरी तरह बिक चुके थे। हालांकि, अभी आम पर्यटकों के लिए यात्रा सुगम नहीं है। एक ट्रेवल एजेंसी के मुताबिक, वर्तमान में टिकट केवल बिजनेस वीजा धारकों के लिए ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 18 मार्च के बाद की यात्राओं के लिए कुछ सीटें खाली होने की संभावना जताई गई है, लेकिन अभी भी प्राथमिकता व्यापारिक और आधिकारिक दौरों को दी जा रही है।
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चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बहाली का स्वागत करते हुए कहा कि चीन और उत्तर कोरिया ‘मैत्रीपूर्ण पड़ोसी’ हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सीमा पार यात्री ट्रेन सेवा शुरू होने से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और आपसी आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इस रेल सेवा की बहाली को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ चीन और उत्तर कोरिया के बीच आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं।