
भारत ने 15 टन राहत सामग्री भेजी
नई दिल्ली : जहां एक तरफ थाईलैंड और पड़ोसी म्यांमा में बीते शुक्रवार दोपहर 7.7 तीव्रता का भूंकप महसूस किया गया। वहीं इसके चलते थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में निर्माणाधीन एक बहुमंजिला इमारत ढह गई और उसके मलबे में दबने से कम से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि अब भी कई अन्य के दबे रहने की आशंका है। म्यांमा ने भूकंप की वजह से छह क्षेत्रों और राज्यों में आपातकाल की घोषणा कर दी है।
बता दें कि, म्यांमार में बीते शुक्रवार सुबह 11:50 बजे 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटके भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश और चीन समेत 5 पांच देशों में महसूस किए गए थे। म्यांमार और थाईलैंड में 250 से ज्यादा लोगों की जान गई है। वहीं अकेले म्यांमार में 150 लोगों की मौत हुई है, जबकि यहां 732 लोग घायल हैं।
Approximately 15 tonnes of relief material is being sent to Myanmar on an IAF C 130 J aircraft from AFS Hindon, including tents, sleeping bags, blankets, ready-to-eat meals, water purifiers, hygiene kits, solar lamps, generator sets, essential Medicines (Paracetamol, antibiotics,… pic.twitter.com/A2lfqfPLvF — ANI (@ANI) March 29, 2025
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वहीं इस शक्तिशाली भूकंप से मची तबाही के बाद भारत ने म्यांमार को 15 टन से अधिक राहत सामग्री भीजवाई है। खबरों की मानें तो भारत हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से भारतीय वायु सेना (IAF) C-130J विमान में सवार होकर म्यांमार को राहत सामग्री भेजी है। सूत्रों के अनुसार, भारत के इस राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियां जैसी आवश्यक दवाएं शामिल हैं।
जानकारी दें कि, प्रधानमंत्री मोदी ने बीते शुक्रवार को म्यांमा और थाईलैंड में भीषण भूंकप के कारण उत्पन्न स्थिति पर चिंता जताई थी और कहा था कि इस घड़ी में भारत दोनों देशों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। म्यांमार में शुक्रवार सुबह 11:50 बजे 7.7 तीव्रता का भूकंप आया। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा कि, ‘‘म्यांमा और थाईलैंड में भूकंप के मद्देनजर पैदा हुई स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।” उन्होंने कहा कि इस संबंध में भारतीय अधिकारियों को तैयार रहने के लिए कहा गया है और विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के संपर्क में रहने को भी कहा गया है।
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पता हो कि, बीते शुक्रवार दोपहर को आए भूकंप का केंद्र म्यांमा के दूसरे सबसे बड़े शहर मांडले के निकट था। वहीं मुख्य झटके के बाद भी 6.4 तीव्रता का दूसरा झटका महसूस किया किया था। वहीं इस बाबत एनसीएस के अनुसार, म्यांमा में 7.2 तीव्रता का भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। भारतीय समयानुसार बीते शुक्रवार सुबह करीब 11:50 बजे आए भूकंप के कुछ मिनट बाद 6.4 तीव्रता का दूसरा झटका आया था। इस बाबत नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने कहा कि म्यांमार में रिक्टर पैमाने पर 4.9 तीव्रता का भूकंप आया और यह रिक्टर पैमाने पर 7.2 तीव्रता के पहले झटके के बाद तीसरा झटका था।






