सर्वदलीय बैठक में मौजूद सरकार और विपक्षी पार्टी के नेता (सोर्स: सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद मोदी सरकार ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। एक सप्ताह में सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच यह दूसरी बैठक है।
भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल से स्ट्राइक की गई। वहीं अब सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद गुरुवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की।
इस सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के भी कई बड़े नेता शामिल हुए हैं। बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, एस जयशंकर, जेपी नड्डा और निर्मला सीतारमण ने हिस्सा लिया। वहीं कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी इस बैठक में शामिल हुए।
इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंद्योपाध्याय और द्रमुक के.टी.आर. बालू इस बैठक में शामिल हुए। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बैठक की अध्यक्षता की। सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि सरकार ने कहा कि ऑपरेशन सिदूंर अभी खत्म नहीं हुआ है। यह लगातार जारी है। अगर पाकिस्तान ने कुछ किया तो हम पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, बीजेडी के सस्मित पात्रा और माकपा के जॉन ब्रिटास शामिल हुए। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान, जेडीयू नेता संजय झा तथा एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी बैठक का हिस्सा थे।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार सभी दलों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में जानकारी देना चाहती है। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 9 आतंकी शिविरों पर मिसाइल हमले किए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ बहावलपुर और लश्कर-ए-तैयबा का अड्डा मुरीदके भी शामिल था।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को 26 नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। इसके दो सप्ताह बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत ये सैन्य हमले किए गए। इससे पहले सरकार ने पहलगाम हमले की जानकारी देने के लिए 24 अप्रैल को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।