

Congress Internal Rift Rahul Gandhi vs Priyanka Gandhi fight: कांग्रेस पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अब खबर आ रही है कि राहुल गांधी अपने ही परिवार और पार्टी से नाराज होकर विदेश चले गए हैं। यह दावा किसी और ने नहीं बल्कि केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने किया है। उनका कहना है कि भाई-बहन के बीच अब वर्चस्व की लड़ाई शुरू हो चुकी है। संसद में प्रियंका गांधी के भाषण की तारीफ राहुल को रास नहीं आई, जिसके बाद वह भारी नाराजगी में भारत छोड़कर जर्मनी चले गए हैं।
राजनीति के गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से दो खेमों में बंट गई है। एक तरफ टीम राहुल है तो दूसरी तरफ टीम प्रियंका खड़ी नजर आ रही है। भाजपा के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी इस मामले पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर सबके सामने आ गई है। ओड़िशा के एक वरिष्ठ नेता ने तो सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर यहां तक मांग कर दी है कि मल्लिकार्जुन खरगे को हटाकर अब प्रियंका गांधी को कमान सौंपी जाए।
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा कि संसद में पिछले दिनों जो भाषण हुए, उससे राहुल गांधी खुश नहीं हैं। दरअसल लोगों ने प्रियंका गांधी के भाषण की तुलना राहुल से की और उसे काफी बेहतर बताया। बिट्टू का दावा है कि बस यही बात राहुल गांधी को चुभ गई है। उन्होंने कहा कि इसी नाराजगी के चलते राहुल अपने परिवार और पार्टी से झगड़ा करके विदेश घूमने निकल गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ पीएम मोदी दुनिया भर में देश का नाम रोशन कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी सब छोड़कर जर्मनी में सैर-सपाटा कर रहे हैं।
कांग्रेस की यह लड़ाई अब दिल्ली से बाहर निकलकर राज्यों तक पहुंच गई है। भाजपा ने ओड़िशा के नेता मोहम्मद मुकीम के एक पत्र का हवाला दिया है, जिसने पार्टी में खलबली मचा दी है। इस पत्र में सोनिया गांधी से संगठन में बड़े बदलाव की अपील की गई है। इसमें साफ तौर पर खरगे हटाओ, प्रियंका लाओ का नारा बुलंद किया गया है। भाजपा का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का अपने ही लोगों से झगड़ा इतना बढ़ गया है कि पार्टी को दोबारा खड़ा करने के लिए अब नेतृत्व परिवर्तन और विचारधारा सुधारने की बात होने लगी है, जिससे नेतृत्व संकट गहरा गया है।