- Hindi News »
- India »
- Democracy Halted 3 Times What Emergency Impact On India
1975 ही नहीं, 3 बार थमा लोकतंत्र का पहिया, जानें आपातकाल का देश पर क्या पड़ा असर
भारत में अब तक तीन बार आपातकाल की घोषणा की जा चुकी है। आपातकाल के समय देश पर कई गंभीर प्रभाव पड़े। इस दौरान सरकार के पास यह विशेष अधिकार था कि वह किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा..
- Written By: अमन उपाध्याय

आपातकाल, फोटो (सो.सोशल मीडिया)
आपातकाल एक ऐसी असाधारण स्थिति होती है, जिसमें चुनी हुई सरकार को सामान्य समय में मना किए गए नीतिगत फैसले लेने या कानून बनाने का विशेष अधिकार मिल जाता है। इस दौरान, नागरिकों के बुनियादी अधिकारों को अस्थायी रूप से रोक दिया जाता है, और सरकार ऐसे कड़े उपाय लागू कर सकती है जो सामान्य हालात में संवैधानिक रूप से स्वीकार्य नहीं होते।
भारत में अब तक तीन बार आपातकाल लागू किया गया है। पहला आपातकाल 1962 में भारत-चीन युद्ध के समय घोषित किया गया था। दूसरी बार 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान आपातकाल लगाया गया। जबकि तीसरा और सबसे अधिक चर्चित आपातकाल 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार द्वारा लागू किया गया था।
कई अलोकतांत्रिक कानून किए गए लागू
भारत में आपातकाल के दौरान कुछ गंभीर परिणाम सामने आए। इस अवधि में सरकार को यह अधिकार प्राप्त था कि वह देश के लिए खतरा माने जाने वाले व्यक्तियों को गिरफ्तार कर सके। उदाहरण के तौर पर, 1975 से 1977 के बीच निवारक निरोध कानूनों के आधार पर लगभग 1,11,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। यह आंकड़ा बाद में शाह आयोग की रिपोर्ट में सामने आया।
सम्बंधित ख़बरें
कर्नाटक में छिन गई ‘कांग्रेसी’ की कुर्सी…हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया चुनाव, एक गलती ने 3 साल बाद पलट दी बाजी!
राहुल गांधी असफल वंशवादी, उन पर कांग्रेस नेताओं को भी भरोसा नहीं, भाजपा नेता ने बोला हमला
‘महाराष्ट्र को तालिबान बनाना चाहती है BJP’, हर्षवर्धन सपकाल का फडणवीस पर पलटवार, माफी मांगने से किया इनकार
मस्जिद बंदर स्टेशन का टीपू सुल्तान से क्या है कनेक्शन? जानें मैसूर के शासक और यहूदी सैनिक का दिलचस्प रहस्य
इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को असीमित अधिकार दिए गए, जिसके कारण हिरासत में यातना और कई मौतों की घटनाएं हुईं। इसके अलावा, इस दौरान गरीबों को बेदखल करने और जबरदस्ती नसबंदी जैसे मामले भी सामने आए। सबसे चिंताजनक पहलू यह था कि इस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को निलंबित कर दिया गया और कई अलोकतांत्रिक कानून लागू किए गए, जिससे देश के संवैधानिक मूल्यों को गहरा आघात पहुंचा।
शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुए लोग
एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए 20 महीने के आपातकाल के दौरान लगभग 1,40,000 निर्दोष लोगों को बिना किसी औपचारिक आरोप के जेल में डाल दिया गया। इस अवधि में विपक्षी दलों के नेताओं के घरों पर अचानक छापे पड़े और उन्हें हिरासत में लिया गया। हिरासत में रखे गए लोगों को अक्सर यातनाएं दी जाती थीं, जिससे कई लोग शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित हुए। कई मामलों में लोगों को उनके परिवारों को सूचित किए बिना ही गिरफ्तार कर लिया गया, जिसमें केवल संदेह या अफवाहों को आधार बनाया गया।
मीडिया की स्वतंत्रता पर लगी ब्रेक
राजनीतिक कारणों से गिरफ्तार किए गए लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उन्हें कठोर यातनाएं दी गईं। इसके अलावा, भारत में मीडिया की स्वतंत्रता, जो लोकतंत्र का एक प्रमुख आधार मानी जाती है इस दौरान उसको भी गंभीर रूप से कुचल दिया गया। सरकार ने मीडिया पर कड़ा नियंत्रण स्थापित कर उसे अपने पक्ष में प्रचार का माध्यम बना लिया, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरा आघात पहुंचा।
कलाकारों को भी नहीं छोड़ा गया
बता दें कि इस आपातकाल के दौरान प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार से पार्टी की रैली में प्रस्तुति देने की मांग की गई, जिसे उन्होंने नकार दिया। इसके जवाब में सरकार ने उनके गानों के प्रसारण पर राज्य के मीडिया में रोक लगा दी। इसके साथ ही, इस दौर में कई ऐसे नए कानून भी लाए गए जो कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना लागू किए गए। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
Democracy halted 3 times what emergency impact on india
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 17 February: मकर राशि वालों को मिलेगा मान-सम्मान, जानें मेष से मीन तक अपनी किस्मत का हाल!
Feb 17, 2026 | 12:05 AMइसे कहते हैं गजब की फील्डिंग…पथुम निसंका ने बाउंड्री पर चीते जैसी फुर्ती से लपका जबरदस्त कैच, देखें वीडियो
Feb 16, 2026 | 11:54 PMT20 विश्वकप 2026 में पथुम निसांका का जलवा, जड़ा टूर्नामेंट का पहला शतक, एक साथ बनाए ये दो बड़े रिकॉर्ड
Feb 16, 2026 | 11:40 PMपितरों को प्रसन्न करने का विशेष अवसर है फाल्गुन अमावस्या, इस विधि से करें तर्पण, सुख-समृद्धि के बनेंगे योग
Feb 16, 2026 | 11:26 PMकल साल का पहला सूर्य ग्रहण, गर्भवती महिलाएं भूलकर भी ना करें ये गलती!
Feb 16, 2026 | 11:05 PMAUS vs SL: पथुम निसंका ऐतिहासिक शतक, श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर सुपर-8 में मारी एंट्री
Feb 16, 2026 | 10:39 PMइंसानियत शर्मसार! UGC विवाद में छात्राओं को रेप और मर्डर की धमकी, थाने में भी सुरक्षित नहीं बेटियां- VIDEO
Feb 16, 2026 | 10:05 PMवीडियो गैलरी

प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, नागपुर में खुले नाले में गिरा 3 साल का बच्चा; 24 घंटे बाद मिली लाश
Feb 16, 2026 | 09:59 PM
UP विधानसभा में गूंजी युवाओं की आवाज, सपा विधायक ने खोली भर्तियों की पोल; आरक्षण में धांधली का लगाया आरोप
Feb 16, 2026 | 09:51 PM
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ शब्द पर घमासान! राजद विधायक के बयान ने रामविलास पासवान के अपमान पर छेड़ी नई जंग
Feb 16, 2026 | 09:45 PM
हेल्थ इंश्योरेंस या धोखा? मां के इलाज के लिए दर-दर भटका बेटा, प्रीमियम के बाद भी कंपनी का क्लेम देने से इंकार
Feb 16, 2026 | 09:41 PM
ATM जाने के बहाने निकलीं और बन गईं हिंदू परिवार की बहू! छतरपुर में दो चचेरी बहनों के अंतरधार्मिक विवाह पर बवाल
Feb 16, 2026 | 09:19 PM
Video: भारत की जीत पर क्यों खुश हो रहा है बलूचिस्तान और अफगानिस्तान? बलूचों का डांस करते वीडियो वायरल
Feb 16, 2026 | 02:01 PM














